बढ़ते अपराध के चलते दूनवासी दहशत में जीने को मजबूर, पुलिस का भी खोया सुकून

खुद को हाईटेक बताने वाली मित्र पुलिस अपराधियों को पकड़ पाने में पूरी तरह नाकाम साबित रही है.

Avnish Pal | News18 Uttarakhand
Updated: December 8, 2018, 7:12 PM IST
बढ़ते अपराध के चलते दूनवासी दहशत में जीने को मजबूर, पुलिस का भी खोया सुकून
अशोक कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर
Avnish Pal | News18 Uttarakhand
Updated: December 8, 2018, 7:12 PM IST
इन दिनों दूनवासियों के साथ ही पुलिस का भी सुकून खोया हुआ है. दूनवासी बढ़ते अपराध के चलते दहशत में जीने को मजबूर हैं. राजधानी में सक्रिय गिरोह आये दिन लूट, डकैती और बंद घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे आसानी से पुलिस की आंखों में धूल झोंक फरार हो जा रहे हैं.

पिछले 2 महीनों में दून में अपराध बढ़े हैं. शहर भर में सक्रिय गिरोह आए दिन घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इतना ही नहीं अपरधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि बदमाश राह चलते लोगों के साथ दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देने से भी नहीं चूक रहे हैं.

ताजा मामला देहरादून की शहर कोतवाली के घंटा घर का है जहां बीते दिनों मेरठ के सराफा व्यापारी से अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े 15 लाख की ज्वेलरी लूट ली और पुलिस की आंखों के सामने से फरार हो गए. उन अपराधियों को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई. दूसरी घटना डालनवाला थाना क्षेत्र की है जहां गोल्ड लोन देने वाले बैंक में घुसे नकाब पोश बदमंशों ने दिनदहाड़े हथियारों के बल पर वारदात को अंजाम दिया. उन बदमाशों की तलाश में भी पुलिस अंधेरे में ही तीर चला रही है.

वहीं घरों में चोरी की घटनाएं आम हो चुकी हैं. इसके चलते दूनवासी अब अपने घरों में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. खुद को हाईटेक बताने वाली मित्र पुलिस अपराधियों को पकड़ पाने में पूरी तरह नाकाम साबित रही है. ये आलम तब है जब राजधानी में स्थित IMA में पीओपी की परेड के लिए पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात थी. बावजूद इसके बदमाश दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे फरार हो गए. पिछले दिनों हुई लूट, डकैती और चोरी की दो घटनाओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि अपराध पूरी तरह नियंत्रण में है.

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि कुल मिलाकर अपराध नियंत्रण में है. पिछले वर्ष की तुलना में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है. हाल में देहरादून में जो आपराधिक घटनाएं घटी हैं उसकी जांच पड़ताल चल रही है. मुझे विश्वास है कि वर्कआउट होंगे.

ये भी पढ़ें - उत्तराखंड में तीन मेडिकल कॉलेज खस्ताहाल, अब चौथे की जिम्मेवारी कैसे निभाएगी सरकार

ये भी पढ़ें - अफसर नहीं कर रहे विधानसभा के निर्देशों का पालन, स्पीकर ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Loading...

Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर