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मासूम बहनों की हत्या के आरोपी को सज़ा दिलाने के लिए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगी दून पुलिस
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satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: January 6, 2020, 7:32 PM IST
मासूम बहनों की हत्या के आरोपी को सज़ा दिलाने के लिए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगी दून पुलिस
ऋषिकेश में 9 साल की बच्ची से रेप और हत्या और उसकी 6 साल की छोटी बहन की हत्या के आरोप में पोक्सो कोर्ट ने जिस अभियुक्त को मौत की सज़ा सुनाई थी उसे हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था. (फ़ाइल फ़ोटो)

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे और सबूतों को पर्याप्त नहीं माना था.

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देहरादून. ऋषिकेश में साल 2017 में हुई दो मासूम बहनों की निर्मम ह्त्या के आरोपी को सज़ा दिलाने के लिए अब दून पुलिस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रही है. इसके लिए पुलिस को शासन की भी इजाज़त मिल चुकी है. बता दें कि ऋषिकेश मे 9 साल की बच्ची से रेप और हत्या और उसकी 6 साल की छोटी बहन की हत्या के आरोप में पोक्सो कोर्ट ने जिस अभियुक्त को मौत की सज़ा सुनाई थी उसे हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था. इसी केस को अब दून पुलिस हाईकोर्ट में चैलेंज करने जा रही है.

यह था मामला 

बता दें कि ऋषिकेश के श्यामपुर पुलिस चौकी से चंद कदम दूर स्थित एक गुरुद्वारे के पास दिनदहाड़े दो मासूम बहनों की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. नेपाली मूल की इन दो मासूम बहनों में से बड़ी की उम्र मात्र 9 साल और छोटी की उम्र महज़ 6 साल थी. पुलिस के अनुसार गुरुद्वारे के एक सेवादार परवान सिंह बड़ी बहन की सेवादार ने रेप करने के बाद हत्या की थी जिसे छोटी बहन दे देख लिया था. इस के बाद सेवादार ने उसकी भी निर्मम ह्त्या कर दी थी.

इस दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई थी. जांच के बाद दोनों बहनों की गला घोटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी. जांच के बाद फ़ोरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस ने पुलिस ने गुरुद्वारे के सेवादार परवान सिंह को गिरफ़्तार किया और पोक्सो कोर्ट में पेश किया.



हाईकोर्ट ने उठाए थे जांच पर सवाल 

पुलिस ने पोक्सो कोर्ट में अभियुक्त के ख़िलाफ़ 14 गवाहों के साथ डीएनए रिपोर्ट भी पेश की थी. साक्ष्यों की पड़ताल करते हुए देहरादून की पोक्सो कोर्ट ने सेवादार को दोषी पाया और 24 अगस्त, 2018 को उसे फांसी की सजा सुनाई.

पोक्सो कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने दिसम्बर, 2019 को सेवादार परवान सिंह को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे और सबूतों को पर्याप्त नहीं माना था.

हाईकोर्ट का फ़ैसला आने के बाद दून पुलिस ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने कि बात कही थी. शासन की तरफ से पुलिस को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने की परमिशन मिलने के बाद अब पुलिस एक बार फिर मासूमों के हत्यारे माने जा रहे सेवादार को सज़ा दिलवाने की कोशिश करेगी.

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First published: January 6, 2020, 7:28 PM IST
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