स्पीच थैरेपी पढ़ाने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा था दून विवि... कोरोना छीन न ले यह मौका
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स्पीच थैरेपी पढ़ाने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा था दून विवि... कोरोना छीन न ले यह मौका
उत्तराखंड का दून विश्वविद्यालय देश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा था जहां स्पीच थैरेपी कोर्स शुरु किया जा रहा था लेकिन कोरोना का ऐसा ग्रहण लगा कि इस साल तो यह संभव नहीं होने जा रहा है.

इस साल यूनिवर्सिटी स्पीच थैरेपी के अलावा होम साइंस, मशीन लर्निंग, डाटा माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कोर्स शुरू करने जा रही थी लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सब लटक गए.

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देहरादून. कोरोना के चलते उन स्टूडेंट्स के सपनों को झटका लगा है जो दून विश्वविद्यालय में होम साइंस और स्पीच थेरेपी कोर्स में एडमिशन लेना चाहते थे. कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमण के चलते स्पीच थैरेपी समेत कुछ और नए कोर्स इस साल शुरु करने की दून विश्वविद्यालय की योजना खटाई में पड़ गई है. ख़ास बात यह है कि उत्तराखंड का दून विश्वविद्यालय देश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय बनने जा रहा था जहां स्पीच थैरेपी कोर्स शुरु किया जा रहा था लेकिन कोरोना का ऐसा ग्रहण लगा कि इस साल तो यह संभव नहीं होने जा रहा है. अब अगर अगले साल किसी और विश्वविद्यालय ने यह कोर्स शुरु कर दिया तो दून विवि के हाथ से यह मौका निकल जाएगा.

अब संभव नहीं 

पिछले 3 महीने से ज़्यादा समय से कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रहे लॉकडाउन में देश में जिस तरह की अस्थिरता रही उससे उन तमाम तैयारियों पर ब्रेक लग गया जो नए सेशन के लिए की जा रही थीं. दून विश्विद्यालय के रजिस्ट्रार मंगल सिंह मंद्रवाल के अनुसार इस साल यूनिवर्सिटी स्पीच थैरेपी के अलावा होम साइंस,  मशीन लर्निंग, डाटा माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कोर्स शुरू करने जा रही थी लेकिन अब यह सब इस साल संभव नहीं हो पा रहा है.



मंद्रवाल बताते हैं कि अब तक पूरा ध्यान बच्चों की पढ़ाई, सिलेबस पूरा करवाने पर रहा है. इस साल फ़ोकस इस पर रहा कि बच्चों की पढ़ाई न छूटे, पहाड़ के बच्चे भी ऑनलाइन क्लासिस से जुड़ सकें. यूनिवर्सिटी यह तय ही नहीं कर पाई कि प्रॉस्पेक्टस में क्या क्या रहना है और क्या नहीं.

इनकी भी थी तैयारी 

कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई अभूतपूर्व परिस्थितियों की वजह से बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए होम साइंस के कोर्स को शुरू करने की प्लानिंग अधर में लटक गई है. मंद्रवाल के अनुसार स्पीच थेरेपी और होम साइंस को लेकर सिलेबस का प्रस्ताव भी अकादमिक परिषद की बैठक में रखने को लेकर तैयार कर लिया गया था. दून विश्वविद्यालय की एंट्रेंस एग्जाम में इन दोनों सिलेबस को शामिल करने की तैयारी थी.

विश्वविद्यालय में 3 नए कोर्स भी संचालित करने को लेकर काम किया जा रहा था. मशीन लर्निंग, डाटा माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्सेस को 2021 के नए सत्र में शुरू करने की तैयारी की जा रही थी. लेकिन  कोरोना वायरस संक्रमण के चलते ये सभी कोर्स इस साल के लिए लटक गए हैं. मंद्रवाल बताते हैं कि यह भी तैयारी हो चुकी थी कि कि टीचर्स किस तरह से रखे जाएंगे... लेकिन अब सब कुछ अनिश्चितकाल के लिए टल  गया लगता है.

 
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