बिना वेतन की अधिकारी बनी हुई हैं दमयंती रावत, तीन महीने से नहीं मिली तनख्वाह

श्रम आयुक्त आनन्द श्रीवास्तव का कहना है कि जैसे ही शिक्षा विभाग से एलपीसी मिल जाएगी वेतन निर्गत कर दिया जाएगा.

Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: April 16, 2018, 1:26 PM IST
बिना वेतन की अधिकारी बनी हुई हैं दमयंती रावत, तीन महीने से नहीं मिली तनख्वाह
श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपर कार्याधिकारी दमयंती रावत के वेतन में पेंच फंस गया है.
Manish Kumar
Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: April 16, 2018, 1:26 PM IST
श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपर कार्याधिकारी दमयंती रावत के वेतन में पेंच फंस गया है. उन्हें पिछले तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली है. बोर्ड में जॉयन करने के लिए उन्होंने अपने मूल विभाग शिक्षा विभाग के मंत्री अरविंद पांडेय और अधिकारियों की नाराजगी भी मोल ली थी लेकिन, जॉयनिंग के लगभग तीन महीने बीतने के बाद आज तक उन्हें वेतन के रूप में एक रुपया भी नहीं मिला है.

शिक्षा अधिकारी दमयंती रावत ने जनवरी में ही बोर्ड के अपर कार्याधिकारी के रूप में जॉयन किया था. जॉयनिंग के बाद उन्हें श्रम विभाग से वेतन मिलना था लेकिन, इसमें एक बड़ा पेंच फंस गया है. बोर्ड में आने से पहले दमयंती रावत शिक्षा विभाग में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थीं.

श्रम विभाग के बोर्ड में जॉयनिंग देने से पहले उन्हें शिक्षा विभाग से एनओसी लेनी थी लेकिन, मंत्री अरविंद पांडेय ने एनओसी देने से साफ मना कर दिया था. अब मूल विभाग से एनओसी न मिलने के कारण दिक्कत पेश आ रही हैं.

दमयंती रावत को बोर्ड में अपर कार्याधिकारी के पद कार्य करते हुए वेतन तभी मिल सकता है जब शिक्षा विभाग श्रम विभाग को दमयंती रावत की एलपीसी (LAST PAY CERTIFICATE) सौंपें. एलपीसी न मिलने के कारण श्रम विभाग दमयंती रावत का वेतन नहीं बना पा रहा है.

श्रम आयुक्त आनन्द श्रीवास्तव ने कहा, “जैसे ही हमें शिक्षा विभाग से एलपीसी मिल जाएगी वेतन निर्गत कर दिया जाएगा.”

शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि क्योंकि शिक्षा विभाग ने दमयंती को एनओसी देने से ही मना कर दिया है ऐसी सूरत में एलपीसी दिए जाने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. इस मामले को लेकर न्यूज़ 18 ने दमयंती रावत से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. आगे जब भी वे इस मामले पर अपनी राय देंगी उसे प्रकाशित किया जाएगा.
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