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15 महीने में ऐसा कोई अपराध नहीं जिसका खुलासा नहीं किया देहरादून के सबसे सफल कप्तान रहे अरुण मोहन जोशी ने

देहरादून के 15 महीने के कार्यकाल में एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने न सिर्फ़ अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाबी पाई बल्कि कोरोना काल में पुलिस के मानवीय रूप को दुनिया के सामने लाने में भी सफल रहे.

देहरादून के 15 महीने के कार्यकाल में एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने न सिर्फ़ अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाबी पाई बल्कि कोरोना काल में पुलिस के मानवीय रूप को दुनिया के सामने लाने में भी सफल रहे.

डीआईजी अरुण मोहन जोशी का गुरुवार को तबादला हो गया. उन्हें विजिलेंस, पीएससी और एटीसी की जिम्मेदारी दी गई है.

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देहरादून. देहरादून के अब तक के सबसे सफल पुलिस कप्तान डीआईजी अरुण मोहन जोशी का तबादला हो गया है. गुरुवार को किए गए आईपीएस के तबादलों में एक नाम उनका भी शामिल था. अब तक टिहरी के एसएसपी रहे योगेंद्र सिंह रावतको देहरादून का एसएसपी बनाया गया है. जोशी को विजिलेंस, पीएससी और एटीसी की जिम्मेदारी दी गई है. देहरादून के 15 महीने के कार्यकाल में एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने न सिर्फ़ अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाबी पाई बल्कि कोरोना काल में पुलिस के मानवीय रूप को दुनिया के सामने लाने में भी सफल रहे.

सबसे सफल कप्तान

सितंबर 2019 में बतौर एसएसपी आईपीएस अरुण मोहन जोशी ने कार्यभार संभाला था. पिछली कुछ घटनाएं उन्हें चुनौतियों के रूप में मिली थीं. जोशी के 15 माह के कार्यकाल में ऐसी कोई आपराधिक घटना नहीं रही, जिसका दून पुलिस ने खुलासा न किया हो. उनके कार्यकाल के अंतिम दिन गुरुवार को दून की सबसे बड़ी डकैती के अंतिम आरोपी को भी उनकी टीम ने दबोच लिया.

डीआईजी अरुण मोहन जोशी के कार्यकाल में हुए बड़े अपराधों और उनके खुलासों पर एक नज़र...

  • देहरादून में साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए डीआइजी ने दो मार्च 2020 को पुलिस की एक टीम झारखंड भेजी. वहां से पुलिस ठगों को गिरफ्तार कर देहरादून लेकर आई.

  • 20 फरवरी, 2020 को आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) से मुंबई पुलिस की हिरासत से फ़रार और 25 हज़ार रुपये के इनामी बदमाश मनोज सिंह ठाकुर को गिरफ्तार किया.

  • 17 फरवरी, 2020 को थाना डालनवाला क्षेत्र में परीक्षा के दौरान कॉलेजों के बाहर अभ्यर्थियों की स्कूटी की डिक्की का लॉक तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया.

  • नेहरु कॉलोनी पुलिस ने सिद्धार्थ ज्वैलर्स लूट के आरोपितों को वारंट बी पर तलब कर ज्वैलरी बरामद की.

  • दो जनवरी 2020 को ऋषिकेश में डकैती करने आए बदमाशों को गिरफ्तार किया.

  • 14 अगस्त 2019 को सेना के जवानों के नाम पर ठगी करने वाले खान गैंग का पर्दाफाश कर चार आरोपितों को किया गिरफ्तार.

  • एक अक्टूबर 2019 को अभिमन्यु क्रिकेट अकादमी के मालिक आरपी ईश्वरन के घर हुई लूट का पर्दाफाश किया.

  • नौ बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा. 12 दिसंबर 2019 को प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सर्राफ से हुई लूट का पर्दाफाश किया. तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लूटे हुए गहने बरामद किए. दो अक्टूबर 2020 को पटेलनगर में ब्लेसिंग फार्म के पास सर्राफ से हुई लूट का पर्दाफाश किया.


ऑपरेशन सत्य और ऑपरेशन थर्ड आई

कार्रवाई और राहत दोनोंडीआईजी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर एक अक्तूबर को ऑपरेशन सत्य की शुरुआत की गई. नशे के खिलाफ पहले भी ऑपरेशन चले, लेकिन सब तस्करों पर कार्रवाई और जागरुकता तक सीमित रहे लेकिन, ऑपरेशन सत्य में पीड़ितों को नशे की दलदल से बाहर निकालने का काम भी बखूबी किया जा रहा है.

करीब 900 नशा की लत वाले युवाओं की काउंसिलिंग कराई गई. इनमें करीब 110 लोगों ने नशा छोड़ा भी है.

डीआईजी के निर्देश पर पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए थर्ड आई की शुरूआत की. इसके तहत 10 दिनों के भीतर 500 कैमरे लगवाए गए. इसके साथ ही पहले से ही हज़ारों कैमरों का जाल शहर में फैला हुआ है. इसे और बढ़ाया जा रहा है.

यह डीआईजी अरुण मोहन जोशी का ही जलवा था कि दून पुलिस को हरिद्वार में हुए डबल मर्डर के खुलासे तक के लिए बुलाया गया था.

मित्र पुलिस

एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने देहरादून में न सिर्फ अपराध पर अंकुश लगाया बल्कि आम जनमानस के साथ पुलिस के व्यवहार को भी बदलने की कोशिश की. इसका प्रमाण कोरोना महामारी के दौरान पुलिस द्वारा किए गए जनता के लिए कार्य रहे. भूखों को भोजन और असहायों को सहारा देने के लिए देहरादून पुलिस को भरपूर तारीफ़ मिली. कोविड काल में दून पुलिस के फॉर्मूले व वर्किंग को प्रदेश भर में लागू करने की भी योजना सरकार ने बनाई थी.

अरुण मोहन जोशी देहरादून में 3 अगस्त, 2019 को राजधानी के कप्तान बने और राजधानी में तैनाती के दौरान ही प्रमोट होकर डीआईजी बने. टीम के तौर पर उनके साथ एसपी सिटी शवेता चौबे व प्रमेंद्र डोभाल, सीओ सिटी शेखर सुयाल, सीओ सदर अनुज कुमार, सीओ नेहरु कॉलोनी पल्लवी त्यागी, सीओ मसूरी नरेंद्र पंथ, सीओ डालनवाला विवेक कुमार जैसे ईमानदार व कर्मठ अफ़सरों टीम भी रही.

सभी ने डीआईजी को नई ज़िम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं.

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