उत्तराखंड की हर जेल का चप्पा-चप्पा होगा CCTV की नज़र में, सुरक्षाकर्मी पहनेंगे बॉडी वॉर्न कैमरे

देहरादून समेत राज्य की सभी 11 जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे.
देहरादून समेत राज्य की सभी 11 जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे.

जेलों से कुख्यात अपराधियों के अपना नेटवर्क ऑपरेट करने के मामले सामने आने के बाद लिया गया फ़ैसला

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देहरादून. उत्तराखंड की जेलों में बंद बदमाशों पर नजर रखने के लिए अब जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इसके साथ ही जेलकर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरे भी दिए जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य की जेलों से लगातार शिकायतें आती हैं कि बदमाश जेलों से भी अपना नेटवर्क चला रहे हैं और मोबाइल के ज़रिए जेलों से भी धमकाकर फिरौती वसूल रहे हैं. ज़ाहिर तौर पर यह काम जेलकर्मियों की मिलीभगत से होता है क्योंकि कैदी जेलों में मोबाइल नहीं रख सकते. इस पर रोक लगाने के लिए जेल प्रशासन फ़ैसला किया है कि राज्य की सभी जेलों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है.

अपराधी जेल से चलाते हैं अपना नेटवर्क 

उत्तराखंड के आईजी जेल एपी अंशुमान ने न्यूज़ 18 को बताया कि राज्य की 5 जेलों में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 50 से अधिक बॉडी वॉर्न कैमरों की व्यवस्था की जा रही है. इन सब व्यवस्थाओं के लिए जेल विभाग ने द्वारा कारागारों को तीन करोड़ रुपये का बजट मुहैया कराया है. जल्द ही दोनों तरह के अत्याधुनिक उपकरणों को लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.



दरअसल हरिद्वार, रुड़की, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल जैसी बड़ी जेलों से समय-समय पर जेलकर्मियों की मिलीभगत के चलते अपराधियों के गिरोहों के संचालन की ख़बरें सामने आती रहती हैं. बता दें कि राज्य की 11 जेलों में आज भी कई कुख्यात अपराधी हैं जो अपना नेटवर्क चलते हैं.
आईजी जेल करेंगे मॉनीटरिंग

आईजी जेल एपी अंशुमान कहते हैं कि उत्तराखंड की कुछ जेलों से अपराधिक गतिविधियां व अन्य तरह के गंभीर मामले सामने आना बेहद चिंता का विषय है. हालांकि जेल में कार्यरत सिपाही और अन्य कर्मचारी पूरी तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी निभाए तो किसी तरह की घटना होना संभव नहीं है. इसी तरह की गंभीर खामियों को देखते हुए सभी जेलों को सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरा से लैस किया जा रहा हैं.

सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से न सिर्फ़ कैदियों बल्कि जेल परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों की गतिविधि की भी पड़ताल की जा सकेगी. राज्य की सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगने और जेलकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा से लैस होने के बाद समय-समय पर जेल अधिकारी इनकी रिकॉर्डिंग्स की समीक्षा करेंगे.

जेलों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को दिए जाने वाले बॉडी वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग्स की समीक्षा आईजी जेल खुद करेंगे. वह कहते हैं कि किसी स्तर पर कोई भी कोताही और मिलीभगत सामने आई तो तत्काल आरोपित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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