3 साल में 27% बढ़े पारिवारिक विवाद केस... जनवरी तक 13 हज़ार से ज़्यादा मामले थे अदालतों में लंबित
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3 साल में 27% बढ़े पारिवारिक विवाद केस... जनवरी तक 13 हज़ार से ज़्यादा मामले थे अदालतों में लंबित
उत्तराखंड में पारिवारिक विवाद के हज़ारों केस पेंडिंग हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

13 में से 10 जिलों में पेंडिंग मामलों में इज़ाफा हुआ है तो 3 पहाड़ी ज़िलों में पेंडिंग केस कम हुए हैं.

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देहरादून. कोरोना वायरस (कोविड-19) की वजह से देश ही नहीं दुनिया भर में घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं और उत्तराखंड भी इशका अपवाद नहीं है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से पहल से ही प्रदेश में पारिवारिक विवाद के हज़ारों केस पेंडिंग हैं. प्रदेश में करीब 13,177 फैमिली संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े हुए हैं जिनमें तलाक के केस ज़्यादा हैं. उत्तराखंड के 13 जिलों में से 10 में पेंडिंग मामलों में इज़ाफा हुआ है तो 3 के पेंडिंग केस कम हुए हैं. उत्तराखंड हाईकोर्ट में 1,037 तो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 12,140 फैमिली केस पेंडिंग पड़े हुए हैं. ख़ास बात यह है कि तीन साल में ये मामले 3 गुना बढ़े हैं.

आरटीआई में मिली जानकारी 

बता दें कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी कि उत्तराखंड के सभी 13 ज़िलों समेत उत्तराखंड हाईकोर्ट में कितने फैमिली केस पेंडिंग पड़े हुए हैं. इसके बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जनवरी तक उत्तराखंड में 13,177 फैमिली केस पेंडिंग थे.



काशीपुर के आरटीआई एक्टिविस्ट नदीमुद्दीन को  यह सूचना उत्तराखंड हाईकोर्ट के राज्य लोक सूचना अधिकारी के ऑफ़िस में लगाई गई आरटीआई के जवाब में  मिली. आरटीआई के जवाब के अनुसार जनवरी 2020 के अंत तक उत्तराखंड हाईकोर्ट सहित प्रदेश के सभी 13 ज़िलों की अदालतों में 13,177 वैवाहिक केस पेंडिंग पड़े हुए हैं.
देहरादून में सबसे ज़्यादा पेंडिंग केस 

प्रदेश के 13 ज़िलों में सबसे ज्यादा 3,341 केस देहरादून में पेंडिंग हैं. दूसरे नंबर पर 3,064 केस के साथ हरिद्वार और तीसरे नंबर पर 2163 केस के साथ ऊधम सिंह नगर है. नैनीताल में 1,679 केस तो अल्मोड़ा में 155, बागेश्वर में 80, चमोली में 135, चंपावत में 106, पौड़ी गढ़वाल में 766, पिथौरागढ़ में 287 रुद्रप्रयाग में 60, टिहरी गढ़वाल में 104 और उत्तरकाशी में 200 केस जनवरी 2020 तक पेंडिंग थे.

आरटीआई के मुताबिक 3 साल पहले जनवरी 2017 के अंत में उत्तराखंड की अदालतों में पारिवारिक विवाद के कुल 10,336 केस पेंडिंग थे जो जनवरी 2020 तक 27 फ़ीसदी बढ़कर 13,177 हो गए. वैसे 2017 जनवरी से 2020 जनवरी तक के आंकड़ों को देखें तो 3 जिलों में पेंडिंग केसों में कमी आई है जबकि प्रदेश के 10 जिलों में ये बढ़े हैं. जिन ज़िलों में पारिवारिक विवाद में कमी आई है वे हैं अल्मोड़ा, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल.

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