अभी दिल्ली में ही अटकी हैं उत्तराखंड कांग्रेस की सांसें... धामी से ज़्यादा हैं नई कार्यकारिणी पर बवाल

हरीश धामी (बाएं), प्रीतम सिंह (बीच में) दिल्ली जाने का ऐलान कर चुके हैं तो किशोर उपाध्याय (दाएं) के भी दिल्ली जाने की चर्चाएं हैं.
हरीश धामी (बाएं), प्रीतम सिंह (बीच में) दिल्ली जाने का ऐलान कर चुके हैं तो किशोर उपाध्याय (दाएं) के भी दिल्ली जाने की चर्चाएं हैं.

ढाई साल बाद ही सही नई कार्यकारिणी मिली तो उस पर शुरु हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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देहरादून. किसी भी प्रदेश पार्टी अध्यक्ष के कार्यकाल में ढाई साल का समय कम नहीं होता. वह भी तब जब उसे पार्टी की चुनाव में हार के बाद नेतृत्व सौंपा गया हो. लेकिन जो समय कुछ कर दिखाने का, अपनी टीम बनाने का होता है उसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का समय पुरानी टीम के साथ सांमजस्य बनाने में ही बीत गया. ढाई साल बाद ही सही नई कार्यकारिणी मिली तो उस पर शुरु हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. उत्तराखंड कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान बता रही है कि अभी यह धूल बैठने में समय लगेगा.

दिल्ली जाएंगे धामी 

ढाई साल के बाद करीब हफ़्ते भर पहले उत्तराखंड कांग्रेस की नई कार्यकारिणी गठित हुई तो बवाल शुरु हो गया. सचिव पद की सूची में नाम आने का पता चलते ही पहले से हरीश रावत की उपेक्षा पर नाराज़ चल रहे हरीश धामी हत्थे से उखड़ गए. उन्होंने न सिर्फ़ सचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया बल्कि कांग्रेस छोड़ने की धमकी भी दे डाली.



हरीश रावत की उपेक्षा के मामले में धामी को टका सा जवाब देने वाले प्रीतम सिंह इस मामले में बैकफ़ुट पर नज़र आए. उन्होंने धामी को यह कहकर मनाया कि यह उनकी जानकारी में नहीं था और उनका नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में था वह भी वरिष्ठता क्रम में काफ़ी ऊपर. बहरहाल हरीश धामी थोड़े शांत हुए लेकिन आशंकाएं उन्हें अब भी हैं.
हरीश रावत की उपेक्षा के मामले पर दिल्ली जाकर हाईकमान से बात करने की बात कहने वाले धामी ने एक बार फिर दोहराया है कि वह दिल्ली जाकर बात करेंगे.

सोनिया गांधी से मिलेंगे प्रीतम सिंह 

उधर दिल्ली में हाईकमान को अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की सूची देने वाले प्रीतम सिंह भी फिर दिल्ली जाने की बात कह रहे हैं लेकिन इस बार शिकायत के साथ. प्रीतम सिंह का कहना है कि उनकी दी गई सूची में आखिरी समय में छेड़छाड़ की गई थी और इसी वजह से हरीश धामी का नाम विशेष आमंत्रित से सचिव की सूची में आया था.

अब प्रीतम सिंह ने दिल्ली जाकर संगठन मंत्री से यह पूछने का ऐलान किया है कि उनकी दी गई सूची में गड़बड़ भूलवश या हुई है या यह किसी का षड्यंत्र है. प्रीतम सिंह ने यह भी कहा है कि वह इस मामले पर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलेंगे.

इंदिरा हृदयेश भी पहुंचेंगी दिल्ली 

दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से विधानसभा में विधायक दल की नेता इंदिरा हृदयेश भी मिलेंगी जो कांग्रेस में एक अलग धुरी हैं. इंदिरा हृदयेश हरीश धामी की इस्तीफ़े की धमकियों पर उन्हें टका से जवाब दे चुकी हैं और कार्यकारिणी पर लेकर हुए बवाल पर भी उन्होंने धामी को आड़े हाथों लिया है.

तो जब दिल्ली में हरीश धामी अपनी और हरीश रावत की उपेक्षा, जानबूझकर उन्हें किनारे किए जाने की बात करेंगे तो उनकी काट करने के लिए इंदिरा हृदयेश भी मौजूद रहेंगी.

'अभी नहीं बोलेंगे' किशोर उपाध्याय 

प्रदेश कांग्रेस के दो दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और किशोर उपाध्याय अभी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. हरीश रावत तो फ़ेसबुक पर अपने मन की बात लिख रहे हैं और उसी के ज़रिए इशारों में मौजूदा नेतृत्व को भी इशारे कर रहे हैं लेकिन किशोर उपाध्याय बिल्कुल ख़ामोश हैं. न्यूज़ 18 से बातचीत में भी उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह ‘अभी कुछ नहीं बोलेंगे’.

हालांकि पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि किशोर उपाध्याय का खेमा भी नई कार्यकारिणी से संतुष्ट नहीं है और अपनी बात आलाकमान के पास रखने के लिए दिल्ली जाने की तैयारी कर रहा है. यानी कि दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस का एक और मोर्चा खुलने वाला है.

आने वाले दिनों में उत्तराखंड कांग्रेस की जंग दिल्ली में लड़ी जाने वाली है. दिल्ली से कौन विजेता बनकर लौटता है इससे राज्य में पार्टी का प्रदर्शन तय होगा और 2022 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में लगी बीजेपी की भी इस पर नज़र रहेगी.

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