वित्त मंत्री की ओर टकटकी लगाए बैठा है उत्तराखंड... बजट से इन सौगातों के मिलने की है उम्मीद

अगले एक-दो सालों में कुछ बहुत बड़े आयोजन उत्तराखण्ड में होने जा रहे हैं. इसके लिए न सिर्फ मोटी रकम की आवश्यकता होगी.

News18 Uttarakhand
Updated: July 5, 2019, 9:46 AM IST
वित्त मंत्री की ओर टकटकी लगाए बैठा है उत्तराखंड... बजट से इन सौगातों के मिलने की है उम्मीद
देश का बजट पेश होने वाला है और हर बार की तरह इस बार भी उत्तराखण्ड केन्द्रीय वित्त मंत्री की ओर निगाहें टिकाए बैठा है कि उसके खाते में स्पेशल क्या आता है.
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Updated: July 5, 2019, 9:46 AM IST
देश का बजट पेश होने वाला है और हर बार की तरह इस बार भी उत्तराखण्ड केन्द्र की ओर निगाहें टिकाए बैठा है कि उसके खाते में स्पेशल क्या आता है. केन्द्रीय बजट पर इसलिए भी प्रदेशवासियों की निगाहें टिकी हैं क्योंकि अगले एक-दो सालों में कुछ बहुत बड़े आयोजन उत्तराखण्ड में होने जा रहे हैं. इसके लिए न सिर्फ मोटी रकम की आवश्यकता होगी बल्कि केन्द्र की हर तरह से मदद चाहिए होगी. ऐसे में बिजली, सड़क, पानी, रिहायश और यातायात के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को बड़ी मदद की दरकार होगी. अभी लगभग पांच से छह हज़ार करोड़ रुपये प्रदेश को केन्द्र सहायतित योजनाओं के माध्यम से हर साल मिल रहा है. राज्य को उम्मीद है कि इस बार इसमें काफ़ी बढ़ोतरी होगी.

महाकुम्भ

दो साल बाद 2021 में हरिद्वार में महाकुम्भ का आयोजन होगा. इतना बड़ा आयोजन बिना केन्द्र सरकार की मदद के संभव नहीं होगा. मोदी सरकार में प्रयागराज में जिस तरह महाकुम्भ का भव्य आयोजन किया गया उसके बाद यह तय है कि हरिद्वार में होने वाले महाकुम्भ की रौनक उससे कहीं ज्यादा होगी. सफल कुम्भ के आयोजन के लिए बहुत पैसे की ज़रूरत होगी, जिससे सड़कें, रहने को स्थान, यातायात की सुविधा और बिजली पानी जैसी ज़रूरतों को पूरा किया जा सके. न सिर्फ प्रदेशवासी बल्कि सरकार की निगाहें भी बजट पर टिकी हैं कि इस आयोजन के नाम पर केन्द्र क्या अलग से किसी फण्ड की व्यवस्था बजट में कर रहा है या नहीं.

नेशनल गेम्स

महाकुम्भ से पहले अगले साल 2020 में प्रदेश में राष्ट्रीय खेल होने हैं. इसके लिए बड़ा आधारभूत ढांचा तैयार करना पड़ेगा. प्रदेश में जो स्टेडियम हैं उसके अतिरिक्त और खेल मैदानों की ज़रूरत होगी. इसके अलावा खिलाड़ियों के रहने के लिए बड़ी कॉलोनियों को भी तैयार करना पड़ेगा. इन दोनों ही कामों के लिए बड़ी रकम की जरूरत होगी. उत्तराखण्ड केन्द्रीय बजट पर निगाह लगाए हुए है कि इस आयोजन के लिए क्या उसे बजट में कुछ अलग से धन की प्राप्ति होगी या नहीं.

चारधाम महामार्ग परियोजना

पिछली मोदी सरकार की यह बड़ी सौगात प्रदेश को मिली थी. चारों धामों को बेहतरीन और ज्यादा स्थाई सड़कों से जोड़ने की यह स्कीम राज्य की तकदीर बदलने वाली कही जा रही है. काफी हद तक इसमें काम हो चुका है लेकिन, पूरा होने में अभी वक्त है. राज्य को उम्मीद है कि इस बार की मोदी सरकार में भी इस परियोजना के लिए फंडिंग की समस्या नहीं होगी और सरकार अलग से धन की व्यवस्था करेगी.
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ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलमार्ग

लम्बे समय से ये परियोजना फाइलों में दबी रही लेकिन, पिछली मोदी सरकार में ही इस पर काम शुरु हो पाया. इस योजना को लेकर प्रदेश के लोगों में इतनी आशंका है कि उन्हें भरोसा नहीं होता कि उनकी जिन्दगी में पहाड़ पर रेल चल पाएगी. इस आशंका को दूर करने के लिए परियोजना पर तेज़ी से काम चल रहा है. अब तक सबसे ज्यादा संकट पैसे की कमी रहा है लेकिन, पिछली मोदी सरकार ने इसके लिए ठीक-ठाक बजट जारी किया था जिससे इसका काम शुरु हो सका. अब इस वित्तीय वर्ष में भी पैसे की कमी न हो इस पर सभी टकटकी लगाए हुए हैं.

स्वास्थ्य

उत्तराखण्ड पूरे देश का एकलौता ऐसा राज्य है जहां सभी नागरिकों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा सरकार ने कराना शुरु किया है. अटल आयुष्मान योजना के नाम से चलायी गई स्कीम पीएम मोदी की आयुष्मान योजना का विस्तार है. ऐसे में राज्य इस बात की उम्मीद केन्द्रीय बजट से करेगा कि उसके हिस्से में कुछ ज्यादा आए क्योंकि उसने अपने सभी नागरिकों को इसमें कवर किया है.

सर्व शिक्षा अभियान

सर्व शिक्षा अभियान से ही राज्य में शिक्षा के फैलाव को मदद मिली है लेकिन, इस योजना में बजट की हमेशा कमी देखने को मिलती रही है. पिछले वित्तीय वर्ष में ही लगभग 100 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार राज्य को नहीं दे पाई. इससे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है. यह बकाया मिल जाए और इस बजट में कुछ ज्यादा मिल जाए तो इस हिमालयी राज्य में शिक्षा को मज़बूती ज़रूर मिलेगी.

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इसके अलावा राज्य को यह भी उम्मीद है कि केन्द्र सहायतित योजनाएं और बढ़ाई जाएंगी. फ़िलहाल पांच से छह हज़ार करोड़ रुपये राज्य को केन्द्र की योजनाओं के माध्यम से मिल रहे हैं लेकिन, यदि इसमें बढ़ोतरी हुई तो प्रदेशवासी ये ज़रूर मानेंगे कि डबल इंजन में दम है.

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First published: July 5, 2019, 9:42 AM IST
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