उत्तराखंड: पार्क बनवाने पर फॉरेस्ट चीफ ने की पत्नी की तारीफ, तो मंत्री जी को लगी मिर्ची!

मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फॉरेस्ट पार्क का उद्घाटन किया
मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फॉरेस्ट पार्क का उद्घाटन किया

फॉरेस्ट पार्क (Forest Park) के उद्घाटन के मौके पर प्रमुख वन संरक्षक ने मंच से पत्नी की तारीफ में कसीदे पढ़े, तो वन मंत्री को ये बात चुभ गई. वैसे वन मंत्री हरक सिंह (Harak Singh) और फॉरेस्ट चीफ जयराज की तल्खियां जग जाहिर है.

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देहरादून. केंद्र सरकार देशभर में फॉरेस्ट सिटी बनाने की सोच रही है. लेकिन उत्तराखंड में 3 साल की साधना में साधना जयराज (Sadhana Jayaraj) ने वो काम कर दिया, जिसकी तारीफ में उनके पति और प्रमुख वन संरक्षक ने मंच से कसीदे पढ़े. यानि वन विभाग जो फॉरेस्ट पार्क (Forest Park) बनाने का काम पूरे प्रदेश में 20 साल में नहीं कर पाया, वो डिपार्टमेंट हेड की पत्नी के साथ मिलकर विभाग ने 3 साल में कर दिया.

पार्क के उद्घाटन मौका बड़ा था, इसलिए मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री और वन मंत्री को बुलाया गया. लेकिन फॉरेस्ट चीफ ने करीब 15 मिनट के संबोधन में कई बार अपनी पत्नी के काम की तारीफ कर डाली. इस दौरान शायद वो ये भूल गए कि सरकार के सहयोग के बिना कोई काम संभव नहीं होता.

गेट में एंट्री से लेकर मुख्य अतिथि की विदाई तक पति-पत्नी ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री को पार्क का हर कोना दिखाया, पेड़ भी लगवाये और वॉटर फॉल भी दिखाया.



फॉरेस्ट चीफ ने ये भी बताया कि जिस फॉरेस्ट पार्क को बनाने की बात केंद्र सरकार कर रही है, उसमें 3 करोड़ का खर्च आएगा, लेकिन साधना जयराज ने किफायत के साथ ये काम 41 लाख रुपए में कर दिया. और 2 लाख का बिल बाकी है. जयराज तो यहां तक कह गए कि ये पार्क छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के फॉरेस्ट पार्क से भी कई मायनों में बेहतर है.
मंत्री हरक सिंह को चुभ गयी तारीफ 

कुल मिलाकर पार्क के उद्धघाटन में फॉरेस्ट चीफ जयराज और उनकी पत्नी साधना जयराज की ही चर्चा रही. वैसे वन मंत्री हरक सिंह और फॉरेस्ट चीफ जयराज की तल्खियां जग जाहिर हैं. शायद इसलिए जब पत्नी के बने पार्क की तारीफ के बाद जयराज मंच से हटे, तो बारी वन मंत्री हरक सिंह की आई, और फिर क्या था, हरक सिंह ने अपने तरकश से तीखे तीर चलाए.

हरक सिंह ने कहा कि फॉरेस्ट के अफसर कलाकार हैं. उन्होंने कहा कि कोटद्वार के स्नेह में पार्क के लिए उन्हें तमाम परमिशन का इंतज़ार है. लेकिन जिस आनंद वन में 3 साल में काम हो गया, उसमें सभी अफसरों ने काम किया. हरक सिंह का मतलब साफ था कि मंत्री होते हुए जो काम वो अपनी विधानसभा में नहीं करवा पाए, वो फॉरेस्ट चीफ की पत्नी ने आसानी से कर दिया.

फिर हरक सिंह ने विदाई को लेकर निशाना साधा, और खास बात ये कि अगले महीने फारेस्ट चीफ जयराज रिटायर होने वाले हैं. इस बात को लेकर मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि कुछ लोगों की शुरुआत अच्छी नहीं होती. लेकिन विदाई अच्छी होती है, जबकि कुछ लोगों की शुरुआत अच्छी होती है. लेकिन विदाई अच्छी नहीं होती. यानि झाझरा का फॉरेस्ट पार्क अपने उद्घाटन के पहले दिन ही चर्चाओं में आ गया. हालांकि 3 साल की साधना से तैयार हुए पार्क को जनता 17 अक्टूबर से देख पाएगी.
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