अस्पताल की दादागिरी: बिल नहीं चुकाने पर अस्पताल ने मरीज से मिलने पर लगाई रोक, परिजनों ने मचाया हंगामा

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2019, 9:31 AM IST
अस्पताल की दादागिरी: बिल नहीं चुकाने पर अस्पताल ने मरीज से मिलने पर लगाई रोक, परिजनों ने मचाया हंगामा
मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर धोखाधड़ी कर एक लाख रुपए से ऊपर का बिल थमाने का आरोप लगाया है

डेंगू (dengue) के एक मरीज के परिजनों ने देहरादून के जगदम्बा अस्पताल पर धोखाधड़ी कर लाखों रुपए का बिल थमाने का आरोप लगाया है.

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देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) की राजधानी देहरादून (Dehradun) में इलाज के नाम पर कुछ अस्पतालों का गोरखधंधा धड़ल्ले से फल फूल रहा है. ताजा मामला देहरादून के जगदम्बा अस्पताल (Jagdamba Hospital) का सामने आया है, जहां डेंगू (dengue) के एक मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर धोखाधड़ी कर एक लाख रुपए से ऊपर का बिल थमाने का आरोप लगाया है. परिजनों की मानें तो कुछ पैसा उन्होंने अस्पताल में जमा भी कर दिया है, लेकिन अस्पताल पूरे भुगतान के बाद ही मरीज को डिस्चार्ज करने की बात कह रहा है. आलम यह है कि अस्पताल ने उन्हें मरीज से मिलने से भी रोक दिया है.

इस पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. हंगामे (rampage) की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ (Deputy CMO) से परिजनों ने शिकायत कर मदद की गुहार लगाई है.

6 दिनों से ICU में है भर्ती, पर नहीं आया मरीज में कोई सुधार

अक्सर अपनी खामियों की वजह से चर्चित रहने वाला जगदम्बा अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में है. यहां डेंगू के एक मरीज को पिछले 6 दिनों से आईसीयू (ICU) में रखा गया है, लेकिन हालत में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है.

धोखा-fraud
परिजनों का आरोप: एम्बुलेंस के ड्राइवर ने जगदम्बा अस्पताल की तारीफ करते हुए मरीज को इस अस्पताल में भर्ती करवा दिया.


परिवार वालों का आरोप

मरीज के परिवार वालों का आरोप है कि मरीज को महंत इंद्रेश मेडिकल कॉलेज (Mahant Indresh Medical College) से एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) रेफर किया गया था, लेकिन इंद्रेश से निकलते ही एम्बुलेंस के ड्राइवर ने जगदम्बा अस्पताल की तारीफ करते हुए मरीज को इस अस्पताल में भर्ती करवा दिया. परिवार वालों ने बताया कि जगदम्बा अस्पताल में मरीज को भर्ती करने के समय उन्हें 3 हजार रुपए प्रतिदिन का खर्च बताया गया था, लेकिन भर्ती करने के ठीक छठे दिन उन्हें एक लाख रुपए से ऊपर का बिल थमा दिया गया.
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बता दें मरीज की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल में भर्ती मरीज और उसका पति दोनों ही विकलांग हैं. ऐसे में उन्होंने पुलिस और सीएमओ देहरादून से मदद की गुहार लगाई है.


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First published: September 12, 2019, 8:56 AM IST
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