होम /न्यूज /उत्तराखंड /Ganesh Chaturthi 2022: देहरादून में गणेश चतुर्थी की तैयारी, बंगाल के कारीगर बना रहे बप्पा की सुंदर मूर्तियां

Ganesh Chaturthi 2022: देहरादून में गणेश चतुर्थी की तैयारी, बंगाल के कारीगर बना रहे बप्पा की सुंदर मूर्तियां

Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार 31 अगस्‍त को मनाया जाएगा. वहीं, इस पर्व को लेकर उत्तराखंड की राजधानी ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट-हिना आज़मी

देहरादून. देशभर में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2022) धूमधाम से मनाई जाती है. इस साल 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा, जिसके लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. देहरादून के करणपुर स्थित बंगाली लाइब्रेरी में हर साल की तरह इस साल भी पश्चिम बंगाल से आए मूर्तिकार गणेश भगवान की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं. ये कलाकार गणेश चतुर्थी पर्व से करीब दो महीने पहले यहां आ जाते हैं.

पश्चिम बंगाल से आए मूर्तिकार बंकिम पाल बताते हैं कि वह पिछले 30 सालों से मिट्टी से मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं. वह हर साल गणेश चतुर्थी से एक-दो महीने पहले देहरादून आ आते हैं और फिर गणेश भगवान की मूर्तियां तैयार करते हैं. उन्होंने बताया कि वह इन मूर्तियों को चिकनी मिट्टी, पुरानी मिट्टी और बांस की मदद से तैयार करते हैं. उनका मानना है कि गणेश चतुर्थी के बाद गणेश विसर्जन करने के लिए मूर्तियां मिट्टी की ही होनी चाहिए. पर्यावरण संरक्षण के लिए मूर्तियों का मिट्टी का होना बेहद जरूरी है.

इन मूर्तियों को हर साल खरीदने वाले नवीन बताते हैं कि मिट्टी की मूर्तियां ही खरीदनी चाहिए क्योंकि यह थोड़े ही समय में पानी में घुल जाती हैं. वहीं दूसरी तरफ पीओपी वाली केमिकल युक्त मूर्तियां पानी को दूषित करती हैं और साथ ही जलीय जीव-जंतुओं को नुकसान भी पहुंचाती हैं.

भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्तियां खरीदने के लिए कैसे जाएं बंगाली लाइब्रेरी?
बंगाली लाइब्रेरी देहरादून के करणपुर स्थित बंगाली लाइब्रेरी रोड पर स्थित है, जहां जाने के लिए आप सर्वे चौक या दिलाराम बाजार चौक से होते हुए पहुंच सकते हैं. यहां आपको 2000 से लेकर 20000 रुपये तक की मूर्ति मिल जाएगी. ज्यादा जानकारी के लिए आप इस नंबर 09997955250 पर फोन कर सकते हैं.

Bengali Library

Tags: Ganesh Chaturthi, Ganesh Chaturthi Celebration, Ganesh Chaturthi Food, Ganesh Chaturthi History

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें