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Uttarakhand Budget 2021: गैरसैंण पर मेहरबान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, कमिश्नरी बनाने का ऐलान

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने ही पिछले साल गैरसैंण प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने ही पिछले साल गैरसैंण प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था.

Uttarakhand Budget 2021 News: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने बजट के दौरान ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (Garasain) को कमिश्नरी बनाने का फैसला किया है.

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गैरसैंण. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने गुरुवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (Garasain) को राज्‍य का नया मंडल (कमिश्नरी) बनाने की घोषणा की है. विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट (Uttarakhand Budget 2021) पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने यह घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की तीसरी कमिश्नरी में कुमाऊं एवं गढ़वाल के चार जिले शामिल किए जायेंगे.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गढ़वाल के चमोली और रूद्रप्रयाग, कुमांऊ के अल्मोडा और बागेश्वर जिले शामिल कर बनाई जाने वाली गैरसैंण कमिश्नरी में आयुक्त एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक की नियुक्ति की जायेगी. साथ ही कहा कि गैरसैंण के सुनियोजित नगरीय विकास के लिए एक महीने में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. वहीं, सीएम के इस फैसले का सत्ता पक्ष ने मेजे थपथपा कर जोरदार समर्थन किया.वहीं, सीएम के इस फैसले का सत्ता पक्ष ने मेजे थपथपा कर जोरदार समर्थन किया. हालांकि बजट सत्र शुरू होने से पहले सबकी निगाहें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगी थी कि वे गैरसैंण के लिए इस साल क्या घोषणा करेंगे. जबकि कुछ लोग सोच रहे थे कि वह गैरसैंण को जिला बनाने की घोषणा कर सकते हैं, लेकिन सीएम ने गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने की घोषणा कर सबको हैरान कर दिया है.

बता दें कि गैरसैंण को ठीक एक साल पहले 4 मार्च, 2020 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था. इसके अलावा बजट 2021 के दौरान मुख्यमंत्री ने गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी परिक्षेत्र में 20 हजार फलदार पेड़ लगाने और वहां खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने की भी घोषणा की है. इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि नई नगर पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे. वहीं, राज्य के प्रत्येक महाविद्यालय को 20-20 कम्प्यूटर दिये जायेंगे.
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