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मसूरी में कूड़ा डंपिंग जोन को शिफ्ट करने की मांग तेज

मसूरी में कूड़ा डंपिंग जोन को शिफ्ट करने की मांग तेज

मसूरी में लोगों ने कूड़ा डंपिंग जोन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी है. शहर के बीचों-बीच कूड़ा डंपिग जोन होने की वजह से शहर का बड़ा हिस्सा बदबू से परेशान है.

मसूरी में लोगों ने कूड़ा डंपिंग जोन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी है. शहर के बीचों-बीच कूड़ा डंपिग जोन होने की वजह से शहर का बड़ा हिस्सा बदबू से परेशान है.

मसूरी में लोगों ने कूड़ा डंपिंग जोन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी है. शहर के बीचों-बीच कूड़ा डंपिग जोन होने की वजह से शहर का बड़ा हिस्सा बदबू से परेशान है.

मसूरी में लोगों ने कूड़ा डंपिंग जोन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी है. शहर के बीचों-बीच कूड़ा डंपिग जोन होने की वजह से शहर का बड़ा हिस्सा बदबू से परेशान है. यहां लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. गर्मियों में महामारी फैलनी की आशंका है.

मसूरी शहर का पूरा कूड़ा शहर के गड्डी खाने में डंप किया जा रहा है. जिस स्थान पर कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके आसपास कईं बड़े होटल तो हैं ही साथ ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में यहां रहते हैं.

साथ ही कूड़ा डंपिंग के ठीक नीचे भिलाड़ू पंपिग योजना के लिए मसूरी के लिए पानी की सप्लाई भी की जाती है. उसके बाद भी नगर पालिका इस स्थान पर कईं दशकों से कूड़ा डंप कर रहा है.

शहर के कूड़ डंपिंग जोन के ठीक सामने लालबहादूर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी का ट्रेनिंग कैंप है. शोध संस्थान के साथ ही अकादमी में आने वाले वीआईपी के लिए गेस्ट हाउस भी बने है. लेकिन उसके बाद भी आज तक कभी अकादमी प्रशासन ने भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. नगर पालिका प्रशासन ने भी आज तक कूड़ा डंपिंग जोन को हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए.

उत्तराखंड संस्कृति संर्वधन और सरंक्षण परिषद के अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला और पालिका के पूर्व अध्यक्ष ओपी उनियाल ने कहा कि कूड़ा डंपिंग जोन को समय से पहले शहर से बाहर शिफ्ट नहीं किया गया तो आने वाली गर्मियों में शहर के गड्डी खाने क्षेत्र में महामारी फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता है.

Tags: Mussoorie, Uttarakhand news

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