पढ़िए कैसे एक-एक दिन कर बढ़ता गया राजधानी में कूड़ा, होती रही राजनीति

ग्यारहवां दिन कूड़े के ढेर पर लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद लेनी पड़ी.

News18 Uttarakhand
Updated: May 17, 2018, 4:34 PM IST
पढ़िए कैसे एक-एक दिन कर बढ़ता गया राजधानी में कूड़ा, होती रही राजनीति
फ़ाइल फ़ोटोः देहरादून में कूड़ा
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Updated: May 17, 2018, 4:34 PM IST
राजधानी देहरादून में पिछले 11 दिन से सफ़ाईकर्मियों की हड़ताल की वजह से कूड़ा नहीं उठा है और शहर एक बड़े कूड़ेदान में तब्दील होता जा रहा है. इन 11 दिन में स्थितियां कैसे बिगड़ीं इस पर एक नज़र.

पहला दिनः 285 रुपये न्यूनतम मज़दूरी और संविदा कर्मचारी के रूप में समायोजन की मांग को लेकर हड़ताल की चेतावनी

दूसरा दिनः हड़ताल शुरू, सफ़ाईकर्मियों ने शहर का कूड़ा उठाना बंद किया.

तीसरा दिनः सफाई कर्मचारियों का सचिवालय कूच.

चौथा दिनः सफ़ाईकर्मियों को कांग्रेस का समर्थन मिला.

पांचवां दिनः कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुद्दे को उठाया.

छठा दिनः ज़िला प्रशासन की रात में कूड़ा उठाने की कोशिश हुई नाकाम.

सातवां दिनः सफाईकर्मियों को सीएम से मिलने बुलाया गया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा.

आठवां दिनः ज़िला प्रशासन और नगर निगम ने मशीनों से कूड़ा उठवाया, सफाई कर्मचारियों ने किया विरोध.

नवां दिनः महिला सफाईकर्मरियों का भी हड़ताल को समर्थन, कूड़ा नहीं उठा.

दसवां दिनः कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की.

ग्यारहवां दिनः कूड़े के ढेर पर लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद लेनी पड़ी.

(देहरादून से भारती सकलानी की रिपोर्ट)
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