गंगा की स्वच्छता में तकनीकी, आर्थिक सहयोग जर्मनी, सीएस से हुई चर्चा
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गंगा की स्वच्छता में तकनीकी, आर्थिक सहयोग जर्मनी, सीएस से हुई चर्चा

  • News18India
  • Last Updated: December 4, 2017, 6:42 PM IST
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जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल ने सोमवार को सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉक्टर जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया.

मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉक्टर रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड (जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल को-ऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉक्टर यूरिक रिवेरे, सुसिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे.

जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा.



गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जाएगा.
इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है. इनकी नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है. जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गए डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है. जीआईज़ेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रुपये दिए जाने पर जल्द निर्णय लेगी.

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो. कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जाएगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है. जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी.

बैठक में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, कमिश्नर गढ़वाल दिलीप जावलकर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, एमडी सिडकुल सौजन्या, सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव विनोद कुमार सुमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

 
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