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BJP विधायक चैंपियन की घर वापसी, FIR करने वाले पत्रकार ने बताया 'कलंक भरा निर्णय'

BJP विधायक चैंपियन की घर वापसी, FIR करने वाले पत्रकार ने बताया 'कलंक भरा निर्णय'

कुंवर प्रणव चैंपियन का पिस्तौल और कार्बाइन लेकर डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ था.

कुंवर प्रणव चैंपियन का पिस्तौल और कार्बाइन लेकर डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ था.

हरिद्वार के खानपुर से विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन (Kunwar Pranav Champion) की घर वापसी पर स्वतंत्र पत्रकार गजेंद्र रावत ने कहा कि जिस आदमी ने उत्तराखंड को मां-बहन की गालियां दीं उसे यह वापस ला रहे हैं क्योंकि इन्हें चुनाव जीतने हैं.

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देहरादून. उत्तराखंड की राजनीति में इस समय द्वाराहाट से बीजेपी विधायक महेश नेगी (Mahesh Negi) चर्चाओं में हैं जिन पर एक महिला ने यौन शोषण और अपनी चंद महीने की बेटी का पिता होने का आरोप लगाया है. ऐसी चर्चाओं के बीच बीजेपी उत्तराखंड को गाली देने के बाद पार्टी से निकाले गए हरिद्वार के खानपुर से विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन (Kunwar Pranav Champion) की घर वापसी करवा ली है. बीजेपी भले ही इसकी भूमिका पहले से बना रही हो जैसे अब सब कुछ ठीक हो गया है. लोग सब भूल गए हैं, लेकिन ऐसा है नहीं. लोगों ने अभी से बीजेपी को इसके लिए लताड़ना शुरू कर दिया है.

शुरु से नरम रही उत्तराखंड बीजेपी 

पिछले साल तमंचे लहराने और उत्तराखंड को गालियां देने का वीडियो वायरल होने के बाद 10 जुलाई, 2019 को बीजेपी से खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को बीजेपी ने 6 साल से लिए निष्कासित कर दिया था. तत्काल बाद हुए मॉनसून सत्र में तो चैंपियन शामिल नहीं हुए लेकिन शीतकालीन सत्र में शामिल हुए. यूं तो वह सदन में सत्ताधारी पार्टी से अलग बैठे लेकिन रहे अपने पुराने साथियों के साथ ही.

दिल्ली में न्यूज़ 18 के रिपोर्टर को जान से मारने की धमकी देने वाले चैंपियन मीडियाकर्मियों से विनम्रता से बात करते रहे और लगातार कोशिश की कि उनकी पुरानी बदमिज़ाजियों की बातें फिर सुर्खियों में न आएं. शायद यह बीजेपी के साथ उनके किसी समझौते का ही नतीजा हो, लेकिन कोर कमेटी की बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट अब उनकी तारीफ़ों के पुल बांध रहे थे उन्हें पढ़ा-लिखा और ज़मीन से जुड़ा नेता बता रहे थे.

वैसे उत्तराखंड बीजेपी चैंपियन के रिपोर्टर को धमकाने, महिलाओं के साथ डांस करने, शराब पीने के वीडियो वायरल होने के बाद भी चैंपियन पर कार्रवाई नहीं करना चाह रही थी. पार्टी चैंपियन को नोटिस देती थी, वह जवाब देते थे और कुछ दिन शांत रहते थे. बस इतने से मामला ख़त्म हो जाता था.

पिछले साल चैंपियन की मुश्किल तब शुरु हुई जब उत्तराखंड के राज्यसभा सदस्य और बीजेपी मीडिया सेल के प्रमुख अनिल बलूनी ने उनका वायरल वीडियो देख लिया. अनिल बलूनी ने चैंपियन की हरकत पर सख़्त ऐतराज़ जताया और उनकी हरकत को उत्तराखंड का अपमान करार दिया जो कि चैंपियन ने किया भी था लेकिन बीजेपी के बाकी नेताओं ने या तो वीडियो देखा नहीं था या उसे इग्नोर कर दिया था.

उत्तराखंड को गाली 

यूट्यूब पर चैंपियन का वह वीडियो मिल भी जाएगा जिसमें वह दोनों हाथों में गन पकड़कर डांस कर रहे हैं, शराब पी रहे हैं और उत्तराखंड को गाली दे रहे हैं. लेकिन इस वीडियो में चैंपियन दरअसल क्या कह रहे हैं वह शायद समझ न आए क्योंकि न्यूज़ वीडियोज़ में बीप का इस्तेमाल है. हम बताते हैं वीडियो में क्या है...

वीडियो में चैंपियन एक हाथ में तीन तमंचे (पिस्टल,रिवॉल्वर) पकड़ते हैं और सुरक्षाकर्मी की कार्बाइन लेकर डांस करते दिखते हैं. फिर वह गाली देकर पूछते हैं, "कोई ... पकड़ सकता है तीन तमंचे एक हाथ में?"

किसी की आवाज़ आती है, "यह तो रिकॉर्ड बन जाएगा उत्तराखंड का..."

अब चैंपियन कहते हैं... "उत्तराखंड का नहीं हिंदुस्तान का, उत्तराखंड रहा मेरे .... पर"

इस वीडियो पर अनिल बलूनी के सख़्त और स्पष्ट स्टैंड लेने के बाद बीजेपी ने 18 जुलाई, 2019 को चैंपियन को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था.

gajendra-rana-fir-champion, पत्रकार गजेंद्र रावत ने देहरादून में कुुंवर प्रणव चैंपियन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी.
पत्रकार गजेंद्र रावत ने देहरादून में कुुंवर प्रणव चैंपियन के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी.


'कलंक भरा निर्णय'

स्वतंत्र पत्रकार गजेंद्र रावत ने कुंवर प्रणव चैंपियन के ख़िलाफ़ देहरादून के नेहरु कॉलोनी थाने में उत्तराखंड के लोगों की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए एफ़आईआर दर्ज करवाई थी. रावत ने चैंपियन के पास दिख रहे हथियारों की जांच की भी मांग की थी.

गजेंद्र रावत कहते हैं कि पहले तो पुलिस इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करने से बचती रही और फिर देहरादून से लीपापोती करती रही. पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की ही नहीं. वह कहते हैं कि उन्हें आशंका थी कि बीजेपी चैंपियन को वापस ले लेगी.

रावत कहते हैं कि साफ़ है कि बीजेपी में चाल, चरित्र और चेहरे की बातें हैं वह दिखाने के लिए हैं और उससे उलट हकीकत सामने है. जिस आदमी ने उत्तराखंड को मां-बहन की गालियां दीं उसे यह वापस ला रहे हैं क्योंकि इन्हें चुनाव जीतने हैं. यह उत्तराखंड बीजेपी का कलंक भरा निर्णय है.

चैंपियन का कोई विकल्प नहीं?

हरिद्वार में वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि डोभाल कहते हैं कि को बीजेपी के इस निर्णय के पीछे कई वजह नज़र आती हैं. वह कहते हैं कि पहली वजह तो यह है कि उत्तराखंडियों में बीजेपी, कांग्रेस के प्रति निराशा का भाव घर कर चुका है. वह यह मान चुके हैं कि कुछ होने वाला नहीं है, बारी-बारी से बीजेपी और कांग्रेस को आना है उनके विरोध से कोई फ़र्क नहीं पड़ना. इसलिए पार्टियां भी जो चाहें वह कर रही हैं और लोग उदासीन हैं.

क्या खानपुर में चैंपियन का कोई विकल्प नहीं है?

डोभाल कहते हैं कि अभी तो चैंपियन से बड़ा कोई नहीं है लेकिन जब पार्टी जम जाती है तो बहुत विकल्प होते हैं. आज बीजेपी जैसी शक्तिशाली पार्टी के पास विकल्प की कमी कैसे हो सकती है? लेकिन वह नहीं चाहती कि वह सिर्फ़ पहाड़ियों की पार्टी दिखे. फिर पहाड़ी उदासीन हैं और वह इसका खुलकर विरोध भी नहीं कर रहे हैं.

डोभाल कहते हैं यह दिन उत्तराखंड के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन है और 20 साल से जिस दिशा में उत्तराखंड बढ़ रहा था उसमें एक दिन यह होना ही था. उत्तराखंड को गाली देने वाले को सम्मानपूर्वक सत्ताधारी पार्टी वापस लेगी और उसके नेता ऐसे विधायक की तारीफ़ों के पुल बांधेंगे.

Tags: Ajay Bhatt, Anil Baluni, Banshidhar bhagat, BJP MLA, CM Trivendra Singh Rawat, Uttarakhand news

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