उत्तराखंड में किसानों के जल्द आएंगे अच्छे दिन

पहाड़ के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार समेकित सहकारी विकास परियोजना शुरू करने जा रही है.उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जहां यह योजना शुरू की जाएगी.

Mukesh Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 12:35 PM IST
Mukesh Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: September 7, 2018, 12:35 PM IST

पहाड़ के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार समेकित सहकारी विकास परियोजना शुरू करने जा रही है.उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जहां यह योजना शुरू की जाएगी. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की मदद से यह योजना लागू करने का खाका राज्य सरकार ने तैयार कर लिया है.


प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां इस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी जिसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए अलग-अलग मदों में लोन दिया जाएगा3632करोड़ की इस परियोजना से सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास की तस्वीर बदलने का दावा कर रही है. उत्तराखंड में किसानों के अच्छे दिन आने वाले हैं.


प्रदेश में समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत 50 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है.विभागीय अधिकारियों और मंत्री के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई और इस प्रोजेक्ट के फायदे गिना दिए. हालांकि योजना कब शुरू होगी सीएम को भी तारीख नहीं मालूम.जिस योजना के शुरू होने का मुहुर्त ही नहीं निकला उस योजना से जुड़े तमाम फायदे सरकार ने पहले ही गिना दिए हैं.सरकार दावा कर रही है कि जल्द यह परियोजना शुरू होगी लेकिन सवाल उस झमेले पर नियंत्रण का है जिससे अक्सर किसान और योजना से जुड़े लाभार्थी झेलते हैं.


सरकार के सामने ये चुनौती भी कम नहीं है. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम राज्य सरकार की ओर से जारी होने वाली शासकीय प्रतिभूति के आधार पर सहायता देगी.गुरुवार को मुख्यमन्त्री ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए इस योजना की कई खूबियां गिनाईं और बताया कि कैसे पलायन रोकने और किसानों की आय बढ़ाने में परियोजना अहम है लेकिन जब पूछा गया कि परियोजना कब शुरू होगी तो कहने लगे जल्द मूहुर्त निकाला जाएगा.विभागीय अधिकारी बता रहे हैं कि फीडबैक के आधार पर निचली कड़ियों को जोड़ा जाएगा जिससे किसी तरह की परेशानी न रह जाए.50 हजार किसानों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया है. पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से इसे पूरा किया जाएगी.

Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर