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चार धाम श्राइन बोर्ड में कैबिनेट ने किए मामूली बदलाव, तीर्थ-पुरोहितों का विरोध जारी

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: December 7, 2019, 11:20 AM IST
चार धाम श्राइन बोर्ड में कैबिनेट ने किए मामूली बदलाव, तीर्थ-पुरोहितों का विरोध जारी
चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी चार धाम श्राइन बोर्ड बनाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

आईएएस अफ़सरों की जगह हिंदू अनुयायी को सीईओ बनाया गया है. तीर्थ-पुरोहितों के हक-हकूक को न छेड़ने का भी फ़ैसला किया गया है.

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देहरादून. तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने चार धाम श्राइन बोर्ड के ढांचे में मामूली फेरबदल किया है. आज कैबिनेट की बैठक में एक बार फिर श्राइन बोर्ड पर प्रस्ताव पारित किया गया. 10 दिन पहले ही कैबिनेट ने श्राइन बोर्ड को लेकर प्रस्ताव पारित किया था. तीर्थ पुरोहितों के कड़े विरोध के बाद इसके ढांचे में यह बदलाव किया गया है कि अब सीईओ हिंदू आईएएस अफ़सर ही होगा. पहले कोई भी आईएएस अफ़सर सीईओ हो सकता था. तीर्थ-पुरोहितों के हक-हकूक को न छेड़ने का भी फ़ैसला किया गया है.

श्राइन बोर्ड पर पारित प्रस्ताव 

विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट में कुल सात प्रस्ताव आए थे जिनमें से 4 पर मुहर लगी. सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फ़ैसला श्राइन बोर्ड से संबंधित था. कैबिनेट ने फ़ैसला किया है कि श्राइन बोर्ड का सीईओ हिन्दु आईएएस अफ़सर ही होगा. उपाध्यक्ष भी हिन्दु आईएएस ही होगा अगर ऐसा नहीं होता है तो उपाध्यक्ष विभागीय मंत्री होगा. आज के पारित प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सभी मंदिरों से सम्बन्धित पुजारी, न्यासी, तीर्थ पुरोहित और पंडों के हक-हकूक यथावत बने रहेंगे.

बता दें कि 27 अक्टूबर को लिए श्राइन बोर्ड के फ़ैसले में कहा गया था कि चारधाम विकास बोर्ड के अध्यक्ष सीएम होंगे और धर्मस्व और संस्कृति विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे. पुराने फ़ैसले के अनुसार तीन सांसद और छह विधायक बोर्ड के सदस्य होंगे. चार अन्य सदस्यों को सरकार नामित करेगी. पुजारियों के तीन प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे. वरिष्ठ आईएएस अफ़सर इसके सीईओ और पदेन सचिव होंगे.

तीर्थ पुरोहितों का विरोध जारी 

देर शाम हुए कैबिनेट के फ़ैसले के बाद भी तीर्थ पुरोहितों का विरोध जारी है. तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता बृजेश सती ने कहा कि सरकार के इस बदलाव से आंदोलन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेग और आंदोलन जारी रहेगा.

बता दें कि सरकार के अनुपूरक बजट में चार धाम श्राइन बोर्ड के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने को महापंचायत ने धोखा करार दिया था.कैबिनेट के अन्य फ़ैसले

कैबिनेट ने एक अन्य फ़ैसले में रिवर राफ़्टिंग और काइकिंग की आयु सीमा को बदल दिया है. पहले रिवर राफ़्टिंग की आयु सीमा 14 से 65 साल थी अब यह न्यूनतम 12 साल होगी और अधिकतम कितनी भी हो सकती है. काइकिंग की आयु सीमा पहले 12 से 50 साल थी अब यह भी न्यूनतम 12 साल और अधिकतम कितनी भी हो सकती है.

तीसरे फ़ैसले में अनाथों से सम्बन्धित 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की नियमावली को मंज़ूरी दी गई.

चौथा फ़ैसला पशुपालन विभाग लिपिक संवर्ग सेवा नियमावली को मंज़ूरी देने का है. इसमें पहले 3 संवर्ग कुमाऊं, गढ़वाल और पशुलोक थे. अब पशुलोक संवर्ग को समाप्त करके गढ़वाल संवर्ग में शामिल कर लिया गया है. इसके अलावा लेखा एवं आशुलिपिक पद को समाप्त कर दिया गया है.

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First published: December 6, 2019, 7:00 PM IST
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