7 लाख रोज़गार देने के बीजेपी के दावे पर हरीश रावत को यकीन नहीं, अब रुद्रपुर सिडकुल जाकर करेंगे पड़ताल

बीते शनिवार को युवाओं को रोज़गार देने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सिडकुल की परिक्रमा की थी.
बीते शनिवार को युवाओं को रोज़गार देने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सिडकुल की परिक्रमा की थी.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी नामक संस्था के अनुसार उत्तराखंड में बेरोज़गारी की दर बढ़कर 22.03% हो गई है.

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देहरादून. उत्तराखंड में रोजगार को लेकर सियासत गर्म है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सिडकुल हरिद्वार में खाली पड़े पदों पर बेरोज़गारों को रोज़गार देने की मांग को लेकर पदयात्रा निकाल चुके हैं. इसके बाद बीजेपी ने रोज़गार को लेकर आंकड़े देने शुरू कर दिए हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने पिछले साढ़े तीन सालों में सात लाख 12 हजार से अधिक लोगों को रोज़गार देने का दावा करते हुए बाकायदा इसका ब्यौरा सार्वजनिक किया. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को इस पर यकीन नहीं है. उन्होंने कहा है कि वह बीजेपी की दी गई सात लाख नौकरियों को ढूंढने अब सिडकुल रुद्रपुर जाएंगे.

7 लाख से ज़्यादा नौकरियां देने का दावा 

चुनाव की आहट आते ही उत्तराखंड में बेरोज़गारी सत्ता के केंद्र में आ गई है. हाल ही में यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई फ़ॉरेस्ट गार्ड भर्ती को लेकर देहरादून में प्रदर्शन कर चुके हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत युवाओं को रोज़गार देने की मांग करते हुए हरिद्वार सिडकुल में परिक्रमा कर चुके हैं. बेरोज़गारी पर कांग्रेस के हमलावर होने के बाद बीजेपी बचाव में उतरी तो प्रदेश अध्यक्ष ने सात लाख से ज़्यादा नौकरियां देने का दावा कर दिया.



बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने दावा किया कि 2017 से 2020 के बीच त्रिवेंद्र सरकार ने 16000 लोगों को नियमित रोज़गार, आउटसोर्स से एक लाख 15 हजार लोगों को रोज़गार, प्राइवेट निवेश, निर्माणाधीन परियोजनाओं में पांच लाख 80 हजार लोगों को रोज़गार दिया है. इस अवधि के दौरान 59 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं. 6000 पदों पर चयन किया गया है और मनरेगा में प्रतिवर्ष छह लाख लोगों को रोज़गार दिया गया है.
बेरोज़गारी 22.03%

इस बीच सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी नामक संस्था ने बेरोज़गारी को लेकर जो आंकड़े जारी किए उन्होंने आग में घी का काम किया. संस्था द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में बेरोज़गारी की दर बढ़कर 22.03 प्रतिशत हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके बाद पूछा कि किस पर विश्वास करें... बीजेपी के हवाहवाई दावों पर या एक निष्पक्ष संस्था के आंकड़ों पर.

हरीश रावत का कहना है कि जिन सात लाख 12 हजार नौकरियों को देने का दावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत कर रहे हैं वह नौकरियां हैं कहां दिखाई क्यों नहीं दे रही हैं? हरीश रावत ने ऐलान किया है कि हरिद्वार के बाद वह इन नौकरियों को खोजने अब नवंबर के पहले हफ़्ते में सिडकुल रुद्रपुर जाएंगे.

बहस को तैयार बीजेपी 

हरीश रावत के इस बयान से बीजेपी तिलमिला गई है. बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरीश रावत की नकारात्मक राजनीति है. उन्होंने कहा कि रावत जब, जहां चाहें बीजेपी चर्चा को तैयार है. बीजेपी का एक-एक आंकड़ा पुष्ट है.

बेरोज़गारी की दर बढ़ने पर मुन्ना सिंह चौहान कहते हैं कि इसमें कोई दो राय नहीं कोरोना काल में बड़ी संख्या में प्रवासी अपना काम धंधा छोड़कर लौटे हैं जिसने बेरोज़गारी के आंकड़े में एकदम से उछाल ला दिया है लेकिन सरकार उन्हें रोज़गार देने की दिशा में प्रयास कर रही है.

दरअसल उत्तराखंड में मार्च 2022 में नई सरकार बननी है यानी विधानसभा चुनाव में डेढ़ साल का समय भी नहीं बचा है और राजनीतिक दल चुनावी मोड में हैं. उत्तराखंड में हमेशा से ही रोज़गार बड़ा मुददा रहा है और पलायन के केंद्र में भी यही है जिसके चलते प्रदेश के कई गांव खाली होकर घोस्ट विलेज में तब्दील हो गए हैं. आज भी उत्तराखंड के 13 जिलों में खेाले गए रोज़गार पंजीकरण कार्योँलयों में छह लाख से अधिक बेरोज़गार रजिस्टर्ड हैं.
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