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Uttarakhand Election: त्रिवेंद्र सिंह और हरीश रावत की मुलाकात, सियासी गलियारों में निकल रहे कई अर्थ…

Uttarakhand Election: त्रिवेंद्र सिंह और हरीश रावत की मुलाकात, सियासी गलियारों में निकल रहे कई अर्थ…

त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून में हरीश रावत से मिले. (Image: FB@Trivendra Singh Rawat)

त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून में हरीश रावत से मिले. (Image: FB@Trivendra Singh Rawat)

Uttarakhand Election 2022 : हरीश रावत खुद कह रहे हैं कि राजनीति में प्रतिद्वंद्विता और प्रतिस्पर्धा कितनी भी हो, लेकिन आपसी सम्मान तो बरकरार रखना ही चाहिए. सोशल मीडिया पर इक्के-दुक्के कमेंट भी देखे जाएं तो पता चलता है कि यह स्वस्थ राजनीति की तस्वीर है, लेकिन अन्य कई कमेंट, BJP और कांग्रेस के भीतर चल रही चर्चाएं कुछ और इशारे कर रही हैं. यशपाल आर्य के कांग्रेस में जाने और हरक सिंह रावत सहित कुछ भाजपाइयों के बारे में जो सुर्खियां रही हैं, उसके बाद इस मुलाकात के क्या मायने निकलते हैं?

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    देहरादून. उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की मुलाकात इन दिनों सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाओं का विषय बनी हुई है. इसी साल मार्च में मुख्यमंत्री पद से हटाए गए भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत के साथ मुलाकात की, तो दोनों ही पार्टियों में इस मुलाकात को लेकर सुगबुगाहटें शुरू हुईं. सिर्फ मुलाकात ही नहीं हुई, बल्कि दोनों नेताओं ने इस भेंट के बारे में सोशल मीडिया पर भी जानकारी और तस्वीरें साझा कीं. हालांकि दोनों ने सोशल मीडिया पर एक दूसरे के हाल-चाल और सेहत जानने को ही इस छोटी सी मुलाकात का मकसद बताया.

    हरीश रावत ने मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘Trivendra Singh Rawat जी को उत्साहपूर्ण मूड में देखकर अच्छा लगा.’ जबकि त्रिवेंद्र सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘लंबे अंतराल के बाद आदरणीय Harish Rawat जी से चलते-चलते भेंट हुई. कोरोना के पश्चात उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा. स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर उन्होंने अपने अंदाज़ में कहा, मैं स्वस्थ हूं.’ दोनों ने अपनी पोस्ट में एक दूसरे को टैग किया, तो सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर हल्का-फुल्का हास्य का माहौल भी बना रहा और कुछ अटकलें भी दिखीं.

    क्यों खास है ये मुलाकात?

    इधर, इस मुलाकात को लेकर राजनीति के जानकार मान रहे हैं चूंकि सीएम पद से हटाए जाने को लेकर त्रिवेंद्र सिंह भाजपा से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए इस तरह की पोस्ट खुलकर करना अपनी ही पार्टी को एक तरह से अहम इशारा भी हो सकता है. पिछले दिनों हरक सिंह रावत और अन्य विधायकों के कांग्रेस में जाने की चर्चा काफी रह चुकी है, इसलिए त्रिवेंद्र सिंह के कांग्रेस जॉइन करने को लेकर चर्चा स्वाभाविक तौर पर उभरकर आई.

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    मुलाकात के बारे में ​हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एफबी पर पोस्ट किए.

    क्या यह सिर्फ दबाव की तरकीब है?

    उत्तराखंड में चुनावी माहौल के बीच भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह को एक तरह से दरकिनार ही किया है और अपने चुनाव प्रचार अभियान में भी उन्हें खास तवज्जो नहीं दी है. ऐसे में जानकारों की मानें तो हरीश रावत के साथ मिलना, उनके साथ की तस्वीर खुलेआम शेयर करना एक तरह से भाजपा के नेताओं को संकेत है. ‘त्रिवेंद्र सिंह भाजपा को बताना चाह रहे हैं कि उन्हें कमज़ोर न समझा जाए और यह भी उनके पास विकल्प खुले हुए हैं.’

    आखिर कैसे हुई यह मुलाकात?

    इस बारे में त्रिवेंद्र सिंह के हवाले से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह बहुत अनौपचारिक भेंट थी. बकौल हरीश रावत, वह देहरादून में रविवार को एक साइकोथेरैपी सेंटर में थे, तभी त्रिवेंद्र सिंह उनसे मिलने आए, क्योंकि उस जगह के पास ही वह रहते हैं. दोनों ने इस मौके पर एक–दूसरे की सेहत के बारे में जानकारी ली और रावत के मुताबिक कुछ और खास चर्चा नहीं हुई.

    Tags: Harish rawat, Trivendra Singh Rawat, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand news, Uttarakhand politics

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