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Uttarakhand Rains पर हरीश रावत का बड़ा बयान, '36 घंटे सोते रहे CM धामी, चेतावनी पर नहीं लिया एक्शन'

Uttarakhand Rains पर हरीश रावत का बड़ा बयान, '36 घंटे सोते रहे CM धामी, चेतावनी पर नहीं लिया एक्शन'

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत.

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत.

Uttarakhand Landslide Aftermath : उत्तराखंड आपदा पर अब राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है. पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने अतिवृष्टि से राज्य में हुए कुल नुकसान का आंकलन किए जाने और राहत कार्यों की निगरानी के लिए हाई पावर कमेटी बनाने जैसे ऐलान करते हुए एक तरह से अमित शाह (Amit Shah) के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार के सुरक्षात्मक कदमों के चलते नुकसान कम हुआ. इसके बाद उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने धामी को घेरने की कोशिश की. उत्तराखंड में अतिवृष्टि (Uttarakhand Heavy Rains) के अलर्ट और बाद के हालात पर कैसे राज्य सरकार आरोपों के घेरे में आई, जानिए.

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    देहरादून. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सोमवार को उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य ने सुरक्षा के लिहाज़ से बचाव के कारगर कदम नहीं उठाए. रावत ने कहा कि अलर्ट के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य सरकार से पूछा भी गया था कि भारी बारिश से जूझने के लिए किस तरह के प्रबंध किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने लापरवाही का रवैया दिखाया. एक तरफ, चिंता करने के लिए रावत ने अमित शाह को धन्यवाद ज्ञापित किया तो दूसरी तरफ धामी सरकार की कड़ी आलोचना की.

    हरीश रावत के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा, ‘भारी बारिश से 36 घंटे पहले अलर्ट जारी किए जाने के उत्तराखंड क्या सुरक्षात्मक कदम उठा रहा था, इस बारे में राज्य सरकार से पूछने के लिए अमित शाह का आभार व्यक्त करता हूं… लेकिन अमित शाह की चेतावनी के बावजूद उत्तराखंड में बारिश के कहर से 36 घंटे पहले तक राज्य सरकार सोती रही.’ यही नहीं, रावत ने पूर्ववर्ती बहुगुणा सरकार के समय की तुलना भी मौजूदा संकट के साथ की.

    ‘कांग्रेस ने बहुगुणा को हटाया था’
    रावत ने अपने बयान में केदारनाथ में आई बाढ़ के समय का ज़िक्र करते हुए धामी सरकार पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा, ‘केदारनाथ आपदा के समय कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को पद से हटाया था.’ रावत के इस बयान को साफ तौर पर इस चुनौती के तौर पर समझा जा रहा है कि वह धामी को सरकार के नेता के तौर पर अक्षम बताते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं.

    रावत ने कैसे ज़ाहिर की नाराज़गी?
    उत्तराखंड बारिश की चेतावनी से पहले सुरक्षात्मक कदमों के बारे में हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘अतिवृष्टि के लिहाज़ से जो लोग निचले इलाकों में रह रहे थे, वहां से उन्हें हटाए जाने के संबंध में किसी प्रशास​निक अधिकारी और न ही पुलिस को सूचित किया गया.’ आपदा के बाद के हालात के बारे में भी रावत लगातार राज्य सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आपद प्रभावित इलाकों में पीने के पानी के लिए टैंकर और साफ सफाई तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. सच तो यह है कि सरकार बुरी तरह फेल साबित हुई है.’

    Tags: Harish rawat, Heavy Rainfall, Uttarakhand landslide, Uttarakhand news

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