सैनिक की तरह दोनों पैरों पर खड़े हो सकते हैं हरियाणा के बॉडी बिल्डर मोहित, उत्तराखंड से बढ़ा मदद का हाथ

देहरादून के मशहूर प्रॉस्थैटिक-ऑर्थोटिक इंजीनियर डॉक्टर विजय कुमार नौटियाल का कहना है कि मोहित न सिर्फ़ चल सकेंगे बल्कि दौड़ भी सकेंगे.

डॉक्टर नौटियाल कहते हैं वह मोहित की मदद करने को सहर्ष तैयार हैं और आशा करते हैं हरियाणा सरकार और अन्य संस्थाएं मोहित को फिर से दोनों पैरों में खड़े होने में मदद करने आगे आएंगी.

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देहरादून. दृढ़ इच्छाशक्ति के पर्याय हरियाणा के बॉडी बिल्डर मोहित किसी सैनिक की तरह सीना तानकर दोनों पैरों पर खड़े हो सकते हैं. बचपन में ही कैंसर की वजह से एक टांग गंवा देने वाले मोहित ने न सिर्फ़ कैंसर को हराया है वरन् अपंगता के बावजूद शानदार शरीर भी बनाया है. हालांकि दायां पैर कूल्हे के पास से ही निकल जाने के कारण उन्हें बैसाखियों का सहारा लेकर चलना पड़ता है लेकिन हमेशा ऐसा रहे यह ज़रूरी नहीं. देहरादून के मशहूर प्रॉस्थैटिक-ऑर्थोटिक इंजीनियर डॉक्टर विजय कुमार नौटियाल का कहना है कि मोहित का दोनों पैरों पर चलना संभव है. वह न सिर्फ़ चल सकेंगे बल्कि दौड़ भी सकेंगे.

कौन हैं डॉक्टर नौटियाल

डॉक्टर विजय कुमार नौटियाल एक प्रॉस्थैटिक-ऑर्थोटिक इंजीनियर हैं जो देहरादून में करीब ढाई दशक से नौटियाल कृत्रिम अंग कल्याण समिति नाम का संस्थान चलाते हैं. उनकी ख्याति दिव्यंगजनों के साथ साहसिक अभियान चलाने के लिए है.

डॉक्टर नौटियाल ने 2011 में कृत्रिम पैरों वाले के साथ दिव्यागंजनों के एक दल के साथ हेमकुंड साहिब तक 40 किलोमीटर पैदल यात्रा की थी. इसके बाद 2015, 2017, 2018 में गोमुख तक का ट्रैक और केदारनाथ धाम तक का पैदल ट्रैक किया. 2019 में ही कृत्रिम अंगों वाले दिव्यांगजनों के साथ डॉक्टर नौटियाल ने गंगोत्री से गोमुख का ट्रैक भी किया है.

Doctor Vijay Nautiyal with artificial limb tracker, डॉक्टर विजय नौटियाल चमोली के नरेंद्र सिंह के साथ गोमुख ट्रैक पर.
डॉक्टर विजय नौटियाल चमोली के नरेंद्र सिंह के साथ गोमुख ट्रैक पर.


राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित डॉक्टर नौटियाल कहते हैं कि ऐसे साहसिक अभियानों से न सिर्फ़ दिव्यांगों में आत्मविश्वास आता है बल्कि अन्य लोग भी शारीरिक कमी से पार पाकर बड़े लक्ष्यों के लिए काम करने के लिए प्रेरित होते हैं.

फिर दौड़ सकते हैं मोहित 

डॉक्टर विजय कुमार नौटियाल ने मोहित की कहानी न्यूज़ 18 वेबसाइट पर पढ़ी. न्यूज़ 18 से बातचीत में उन्होंने मोहित की दृढ़ इच्छा शक्ति की तारीफ़ करते हुए कहा कि मोहित जैसे युवा अन्य लोगों के प्रेरणा स्रोत होते हैं. उन्होंने कहा कि कृत्रिम पैर की मदद से मोहित न सिर्फ़ दोनों पैरों पर खड़े हो सकते हैं बल्कि चल और दौड़ भी सकते हैं. हालांकि इसमें लचक रहेगी क्योंकि मोहित का पैर कूल्हे के पास से ही कट गया है.

डॉक्टर नौटियाल बताते हैं कि इसमें खर्च डेढ़ से दो लाख से बीच आएगा. इसमें दो जगह से मुड़ सकने वाले जॉएंट लगाने होंगे इसलिए जयपुर फ़ुट जैसी तकनीक सफल नहीं हो पाएगी. आर्थिक रूप से कमज़ोर दिव्यांगजनों को मुफ़्त परामर्श देने वाले डॉक्टर नौटियाल कहते हैं वह मोहित की मदद करने को सहर्ष तैयार हैं और आशा करते हैं हरियाणा सरकार और अन्य संस्थाएं मोहित को फिर से दोनों पैरों में खड़े होने में मदद करने आगे आएंगी.

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