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विधायक खरीद कांड में हाईकोर्ट में आज सुनवाई, CBI मांग सकती हरीश रावत पर FIR की इजाज़त

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: September 20, 2019, 9:20 AM IST
विधायक खरीद कांड में हाईकोर्ट में आज सुनवाई, CBI मांग सकती हरीश रावत पर FIR की इजाज़त
नैनीताल हाईकोर्ट में 2016 में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में सीबीआई रिपोर्ट पेश करेगी जिसके बाद हाईकोर्ट तय करेगा कि हरीश रावत के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की अनुमति दी जाए या नहीं.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उन्हें साजिशपूर्ण तरीके से फंसाया गया है और उनकी सरकार को बर्खास्त किया गया. अब उनकी आवाज को घोंटने के लिए सीबीआई पर एफआईआर दर्ज करने और उनका उत्पीड़न करने का दबाव बनाया जा रहा है.

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देहरादून. आज यानी शुक्रवार का दिन उत्तराखंड (Uttarakhand) के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Ex CM Harish Rawat) के लिए महत्वपूर्ण है. नैनीताल हाईकोर्ट (Nainital High Court) में वर्ष 2016 में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले (2016 MLA Horse Trading Case) में सीबीआई (CBI) रिपोर्ट पेश करेगी जिसके बाद हाईकोर्ट ये तय करेगा कि हरीश रावत के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की अनुमति दी जाए या नहीं. इसका अर्थ यह है कि शुक्रवार को यह तय होगा कि हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ेंगी या उन्हें राहत मिलेगी. सुनवाई में शामिल होने के लिए हरीश रावत गुरुवार शाम को नैनीताल पहुंच गए थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इंदिरा हृदयेश (Indira Hridyesh) और प्रीतम सिंह (Pritam Singh) ने भी सुनवाई में मौजूद रहने की बात कही है.

क्या है पूरा मामला 
बता दें कि 2016 में उत्तराखंड में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत पर अपनी सरकार बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में राज्यपाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति (सिफारिश) की थी. हरीश रावत पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी.

nainital high court, नैनीताल हाईकोर्ट की फ़ाइल फ़ोटो
हाईकोर्ट ने इस केस में आदेश दिया कि सीबीआई को कोई भी निर्णय लेने से पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी. (फ़ाइल फ़ोटो)


हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि उसे कोई भी निर्णय लेने से पहले हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी. इसी आदेश का पालन करते हुए तीन सितंबर को सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसने इस मामले में जांच पूरी कर ली है और वो एफआईआर दर्ज करने जा रही है.

हरीश रावत की पेशी नहीं है 
इसी क्रम में शुक्रवार को हाईकोर्ट में सीबीआई के वकील अपना पक्ष रखेंगे. इस केस की सुनवाई के दौरान हरीश रावत का कोर्ट में मौजूद होना जरूरी नहीं है यानी कि उनकी पेशी नहीं है. लेकिन हरीश रावत ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में रहने का ऐलान किया है. हरीश रावत गुरुवार शाम को हाईकोर्ट पहुंच गए थे. उनके समर्थन में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का ऐलान किया है. ये लोग शुक्रवार को नैनीताल आएंगे.
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Harish Rawat facebook postपूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए अपनी बात रखी.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए अपनी बात रखी.


 

फेसबुक पर रखी अपनी बात 
इस बीच गुरुवार को हरीश रावत ने फेसबुक पर अपने नैनीताल में होने की जानकारी देते हुए लिखा कि अक्सर सीबीआई कहती है कि अमुक व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहा या जांच से भाग रहा है. यह भी कहा जाता है कि व्यक्ति के कई-कई जगह खाते हैं, संपत्तियां हैं. उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न और चुनाव आयुक्त को दिए विवरण में उनके खातों और संपत्ति की जानकारी स्पष्ट है.

हरीश रावत ने यह भी कहा कि वो साजिशकर्ता नहीं बल्कि षड्यंत्र के शिकार व्यक्ति हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक फंसाया गया और उनकी सरकार को बर्खास्त किया गया. अब उनकी आवाज को घोंटने के लिये सीबीआई पर एफआईआर दर्ज करने और उनका उत्पीड़न करने का दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि उन्हें षड्यंत्र का शिकार बनाया गया है, तो उनके लिए प्रार्थना करें कि वो भारत की न्याय व्यवस्था से न्याय प्राप्त करने में सफल हों.

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First published: September 20, 2019, 9:20 AM IST
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