उत्तराखंडः खाकी वर्दी में भी धड़कता है दिल, पुलिस इंस्पेक्टर ने घर में दिया आपदा पीड़ित परिवार को आसरा

पुलिस इंस्पेक्टर ने प्रभावित परिवार की मदद की.

पुलिस इंस्पेक्टर ने प्रभावित परिवार की मदद की.

Example of Humanity: उत्तराखंड के चमोली में हाल ही ऋषिगंगा, धौलीगंगा नदी में आई भयानक बाढ़ (Chamoli Tragedy) ने जहां अनेक जिंदगियों को लील लिया, वहीं गांव के अनेक भवनों को भी तहस-नहस कर दिया. बाढ़ से 12 गांवों के 465 परिवार प्रभावित हुए.

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देहरादून. उत्तराखंड के चमोली में ऋषिगंगा, धौलीगंगा नदी में आयी भयानक बाढ़ (Chamoli Tragedy) ने जहां अनेक जिंदगियों को लील लिया, वहीं गांव के अनेक घरों-इमारतों को भी तहस--नहस कर दिया. बाढ़ से 12 गांवों के 465 परिवार प्रभावित हुए थे. इसी त्रासदी में अपनी बेटी मंजू रावत के साथ रह रही 85 वर्षीय सोणा देवी का घर भी बाढ़ की जद में आकर क्षतिग्रस्त हो गया था. 6 कमरों का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के कारण बुजर्ग महिला और बेटी के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई थी. ऐसे में एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा संकट के समय मानवता का उदाहरण पेश करते हुए इस आपदा पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए हैं.

बता दें कि राणा भी इसी गांव रेणी के रहने वाले हैं. राणा का परिवार वर्तमान में जौलीग्रांट देहरादून में रहता है. गांव में अपना 3 कमरों का भवन राणा ने बेसहारा हो चुकी इस महिला को रहने को दिया है. पिछले 7 सालों से एसडीआरएफ में तैनात राणा चमोली त्रासदी के बाद से ही प्रभावित क्षेत्र में सर्च एवं रिलीफ ऑपरेशन में जुटे हुए हैं.

राहत के साथ मिली रहने की जगह भी


बेसहारा हो चुकी मंजू और उसकी मां की खबर सबसे पहले ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर न्यूज 18 ने दिखाई थी. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मंजू को फौरी तौर पर राहत पहुंचाई गई. अब इंस्पेक्टर राणा के आगे आने से उनके रहने की समस्या भी हल हो गई है. राणा की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना हो रही है. एसडीआरएफ के कमांडेट नवनीत भुल्लर ने भी इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा के इस कदम की सराहना की ओर कहा इस प्रकार के मानवीय कार्यों से पुलिस और समाज के आपसी सम्बन्धो में प्रगाढ़ता आती है और आपसी विश्वास की भावना को बल मिलता है.

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