ख़तरा अभी टला नहीं है... 16 से 18 भारी बारिश की चेतावनी, बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे समेत 95 सड़कें बंद

16 से लेकर 18 अगस्त तक फिर से प्रदेश के 8 जिलों में कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश की आशंका मौसम विभाग ने ज़ाहिर की है.

Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 3:34 PM IST
ख़तरा अभी टला नहीं है... 16 से 18 भारी बारिश की चेतावनी, बदरीनाथ-केदारनाथ हाईवे समेत 95 सड़कें बंद
बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे समेत प्रदेश में 95 अलग-अलग सड़कें भूस्खलन की वजह से बंद हैं.
Manish Kumar
Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 3:34 PM IST
प्रदेश में बारिश की रफ्तार भले ही थोड़ी थमी हो लेकिन दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं. इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में 95 अलग-अलग सड़कें बंद हैं क्योंकि पहाड़ियां टूटकर (Land Slide) इन पर मलबा गिर गया है. इसमें 92 ग्रामीण सड़कों (Rural Roads) के साथ तीन नेशनल हाईवे (National High way ) शामिल हैं. बीते 24 घण्टे में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है. इस तरह इस मानसून सीजन (Monsoon Season) में अभी तक कुल 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं.

बदरीनाथ-केदारनाथ में फंसे यात्री 

बुधवार की सुबह आपदा विभाग को मिली रिपोर्ट के अनुसार बदरीनाथ और केदारनाथ दोनों हाईवे मलबा आने के कारण बन्द हैं. केदारनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग के बांसवाड़ा में जबकि बदरीनाथ हाईवे चमोली जिले के लामबगड़ में बन्द है. सड़कें बन्द होने के कारण दोनों धामों में कई लोग फंसे हुए हैं.

दोनों ही स्लाइडिंग जोन से लगातार पत्थरों के गिरने के कारण सड़क को खोलने के काम में भी मुश्किल आ रही है. इन दोनों महत्वपूर्ण सड़कों को खोलने के प्रयास तो किए जा रहे हैं लेकिन, ज्यादा गंभीर समस्या ग्रामीण सड़कों को खोलने को लेकर है. प्रदेश में 92 ग्रामीण सड़कें अब भी बन्द हैं.

घरों में नज़रबंद ग्रामीण

सड़कें बंद होने की वजह से उन गांवों के लोग एक तरह से अपने गांव में ही नज़रबन्द हो गए हैं जिन्हें ये सड़कें जोड़ती हैं. खाने-पीने के सामान के साथ साथ दवाइयों की किल्लत लोगों पर भारी पड़ रही है. बता दें कि चमोली में 32, रुद्रप्रयाग में 17, पिथौरागढ़ में 9, बागेश्वर में 8, उत्तरकाशी में 7, पौड़ी में 4 और देहरादून जिले में 15 ग्रामीण सड़कें मलबा आने के कारण बन्द हैं.

आपदा में होने वाली मौतों का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभी चमोली में मौत का मातम पसरा ही था कि बीते 24 घण्टे के दौरान 2 और लोग काल के गाल में समा गए. पहली घटना पिथौरागढ़ की है जहां नदी में दो लड़कियां बह गईं. एक को तो बचा लिया गया लेकिन, दूसरी बच्ची की जान चली गई. दूसरी घटना चमोली की है जहां गैरसैंण में एक व्यक्ति फिसलकर नदी में गिर गया और उसके तेज बहाव में बह गया.
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यहां होगी भारी बारिश 

हालांकि मौसम विभाग ने 16 अगस्त तक बहुत तेज बारिश नहीं होने का अनुमान लगाया है लेकिन, खतरे अभी कम नहीं हुए हैं. 16 से लेकर 18 अगस्त तक फिर से प्रदेश के 8 जिलों में कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश की आशंका विभाग ने ज़ाहिर की है.

मौसम विभाग के अनुसार चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में बहुत तेज़ बारिश हो सकती है. इन जिलों के बाशिन्दों को तो सतर्कता बरतने की ज़रूरत है ही,  मसूरी और नैनीताल आने वाले पर्यटकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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First published: August 14, 2019, 3:34 PM IST
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