उत्तराखंड में प्राइवेट संस्थानों से हायर एजुकेशन करना है 'टेंशन', अम्ब्रेला एक्ट भी रहा बेदम

Uttarakhand-साल 2018 में हरिद्वार में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने ज्ञान कुंभ का आयोजन किया,जिसमें देश के तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति, उच्च शिक्षा मंत्री शामिल हुए. बावजूद इसके उत्तराखंड में कुछ नहीं बदला. जबकि 2018 में बना अम्‍ब्रेला एक्‍ट भी बेदम साबित हो रहा है.

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 7, 2019, 8:00 PM IST
उत्तराखंड में प्राइवेट संस्थानों से हायर एजुकेशन करना है 'टेंशन', अम्ब्रेला एक्ट भी रहा बेदम
उत्तराखंड में किसी भी कोर्स से जुड़ा प्राइवेट कॉलेज हो उसकी फीस तय नहीं है.
Deepankar Bhatt
Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: August 7, 2019, 8:00 PM IST
कोई भी स्टूडेंट अगर उत्तराखंड में हायर एजुकेशन का मन बना रहा है, तो उसे एक बात साफ समझ लेनी चाहिए कि फीस को झोल उसके लिए मुसीबत की फांस बन सकता है. सरकार हो या फीस कमेटी कोई भी अब तक किसी कोर्स की फीस फाइनल नहीं कर पाए पाया, लिहाजा एमबीबीएस के कोर्स की फीस उत्तराखंड में बाकी प्रदेशों के मुकाबले ज्यादा है.

आयुर्वेद से जुड़े कोर्स की फीस के मामले में हाईकोर्ट ने तमाम कॉलेजों को नोटिस जारी किए. प्रोफेशनल कोर्स को एफिलिशन तो स्टेट यूनिवर्सिटी देती हैं, लेकिन फीस पर उनका कोई कंट्रोल नहीं है. इसी वजह से हायर एजुकेशन के कोर्सेज के नाम पर स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स की जेब कट रही है

प्राइवेट कॉलेजों पर कोई नकेल नहीं
उत्तराखंड में किसी भी कोर्स से जुड़ा प्राइवेट कॉलेज हो उसकी फीस तय नहीं है. 2018 में सरकार ने सभी कोर्स की फीस फिक्स करने के लिए अंब्रेला एक्ट बनाने की बात कही थी, लेकिन 2019 के एडमिशन भी बगैर किसी एक्ट के हो गए. अब हालात ये हैं कि प्राइवेट कॉलेज, उत्तराखंड में एफिलिएशन को स्टेट की यूनिवर्सिटीज़ से लेते हैं, लेकिन फीस वही वसूलते हैं जो उनका मन करता है.

साल 2018 में हरिद्वार में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने ज्ञान कुंभ का आयोजन किया था.


उदाहरण के तौर पर श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में होटल मैनजमेंट के 2 सेमेस्टर की तय फीस 40 हजार रुपए सालाना है,लेकिन देहरादून में कई प्राइवेट कॉलेज होटल मैनेजमेंट के कोर्स की 70 हजार रुपए सालाना फीस वसूल रहे हैं. इसी तरह एमबीबीएस की सरकार की तरफ से तय फीस 4 लाख रुपए सालाना है, लेकिन प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में फीस 13-15 लाख रुपए सालाना है.

नाम का ज्ञान कुंभ, काम का नहीं
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साल 2018 में हरिद्वार में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने ज्ञान कुंभ का आयोजन किया,जिसमें देश के तमाम विश्वविद्यालयों के कुलपति, उच्च शिक्षा मंत्री शामिल हुए. बावजूद इसके उत्तराखंड में कुछ नहीं बदला. ज्ञान कुंभ में बात उत्तराखंड में उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने पर हुई, लेकिन आज भी हायर, मेडिकल, आयुर्वेद और टेक्निकल एजुकेशन के मामले फीस को लेकर हाई कोर्ट में हैं.

कौन सुधारेगा हालात?
देश के मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड से हैं, लेकिन उत्तराखंड में हायर एजुकेशन के प्राइवेट संस्थानों का बुरा हाल है. प्राइवेट इंस्टीट्यूट हों या प्राइवेट यूनिवर्सिटी,किसी भी कोर्स की फीस पर सरकार या किसी फीस कमेटी का कोई कंट्रोल नहीं है. हालांकि अब इस बात की उम्मीद जरूर जगी है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अपने राज्य में थोड़े हालात सुधारने की कोशिश जरूर करेंगे.

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First published: August 7, 2019, 7:56 PM IST
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