देवप्रयाग में शराब प्लांट लगाना उत्तराखंड के लिए आत्महत्या करना जैसाः बीसी खंडूड़ी  

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि शराब का उत्पादन देवभूमि की महत्ता को कम करेगा. इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा.

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: July 15, 2019, 2:40 PM IST
देवप्रयाग में शराब प्लांट लगाना उत्तराखंड के लिए आत्महत्या करना जैसाः बीसी खंडूड़ी  
देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री खोलने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और इस मामले में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार अकेली पड़ती नज़र आ रही है. (फ़ाइल फोटो)
Sunil Navprabhat
Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: July 15, 2019, 2:40 PM IST
देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री खोलने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और इस मामले में त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार अकेली पड़ती नज़र आ रही है. विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगडि़या के कड़े विरोध के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने भी हल्ला बोल दिया है. खंडूड़ी ने तो यहां तक कह दिया कि शराब को पैसा कमाने का साधन बनाने उत्तराखंड के लिए आत्महत्या करने जैसा है.

'देवभूमि के ख़िलाफ़ काम'

न्यूज़ 18 से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने कहा कि वह देवभूमि में शराब के कारोबार से बिल्कुल सहमत नहीं हैं.  उन्होंने कहा कि अगर आप पूरे तरीके से शराब पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते तो कम से प्रावधान कड़े ज़रूर कीजिए ताकि आम आदमी शराब की वजह से बरबाद न हो. खंडूड़ी ने कहा कि उन्होंने अपने समय में कड़े प्रावधान लागू किए थे.

देवप्रयाग में व्हिस्की प्लांट: सीएम ने कहा, ‘अच्छी चीज़ है, लोगों को रोज़गार मिलेगा’

पूर्व सीएम ने कहा कि किसी भी सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह देवभूमि की गरिमा के खिलाफ काम करे, चाहे वह बीजेपी की सरकार हो या कांग्रेस की. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शराब को पैसा कमाने का साधन बनाना बहुत ग़लत है और उत्तराखंड के लिए यह आत्महत्या करने जैसा है.

संस्कृति पर असर 

उधर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे गंगा नदी का अपमान बताया. शंकराचार्य ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में और विशेषकर देवप्रयाग जहां भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा बनाती हैं वहां शराब का उत्पादन देवभूमि की महत्ता को कम करेगा. इसका प्रभाव राज्य की संस्कृति पर पड़ेगा, पूरे देश पर पड़ेगा.
Loading...

महिलाओं का मुखर विरोध 

उत्तराखंड की महिलाएं शराब का मुखर होकर विरोध करती रही हैं. इस बार भी उत्तराखंड महिला मंच ने भी गंगा के तट पर शराब की फैक्टरी लगाने का कड़ा विरोध किया है. मंच की अध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने रोज़गार देने के नाम पर देवप्रयाग में शराब की फ़ैक्ट्री लगाने को उत्तराखंड की भावना के साथ धोखा बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करके उत्तराखंड में नए आंदोलन को जन्म देने का काम कर रही है.

अटपटा लग रहा मामला 

इस बीच रविवार को देहरादून पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि उन्हें यह मामला अटपटा लग रहा है. हालांकि इस मामले में कुछ साफ़ कहने से इनकार करते हुए भट्ट ने कहा कि उन्हें इस मामले में ज़्यादा जानकारी नहीं है. साथ ही यह भी कहा कि सीएम प्रदेश से बाहर हैं, उनके वापस आने पर इस मुद्दे पर बात करेंगे.

व्हिस्की प्लांटः देवप्रयाग के लोगों को न रोज़गार मिला, न पानी... शराब प्लांट के लिए खींची पाइप लाइन

Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 15, 2019, 1:50 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...