हिमालयन कान्क्लेव: विशेष राज्य का दर्जा मांग सकते हैं हिमालयी राज्य

उत्तराखंड में 28 जुलाई को होने वाले हिमालयन कान्क्लेव में सभी हिमालयी राज्यों का मुख्य फोकस इको सिस्टम सर्विसेज पर हो सकता है.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: July 19, 2019, 9:28 PM IST
हिमालयन कान्क्लेव: विशेष राज्य का दर्जा मांग सकते हैं हिमालयी राज्य
उत्तराखंड में पहली बार होगा हिमालयी सरोकारों से जुड़े कान्क्लेव का आयोजन
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: July 19, 2019, 9:28 PM IST
उत्तराखंड में 28 जुलाई को होने वाले हिमालयन कान्क्लेव में सभी हिमालयी राज्यों का मुख्य फोकस इको सिस्टम सर्विसेज पर हो सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि सभी राज्य समान अवस्थापना विकास के लिए एक सामूहिक मांग केंद्र सरकार के सामने रख सकते हैं. यही नहीं हिमालयन कान्क्लेव में शामिल सभी हिमालयी राज्य विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भी रख सकते हैं. दरअसल कुल बजट के चार फीसद का एलोकेशन हिमालयी राज्यों के लिए होता है. पूर्वोत्तर के राज्यों को पहले से ही कुछ विशेष सुविधाएं केंद्र देता रहा है. वहीं जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र का अलग से पैकेज है.

ऐसे में सिर्फ उत्तराखंड व हिमाचल ही किसी विशेष प्रोत्साहन से वंचित है. सभी हिमालयी राज्य विशेष पैकेज, इको सिस्टम सर्विसेज की मांग, अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए पर्यावरणीय बंदिशों में छूट जैसी बातें समान रूप से उठा सकते हैं. इसके साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए हिमालयन राज्य अलग पैकेज की मांग कर सकते हैं.

उत्तराखंड में पहली बार हो रहा आयोजन

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस कान्क्लेव में सभी राज्य अपने-अपने विचार और समस्याएं शेयर करेंगे


हिमालयी सरोकारों से जुड़े कान्क्लेव का पहली बार आयोजन उत्तराखंड में हो रहा है. इसमें उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के मुख्यमंत्री और प्रतिनिधि भाग लेंगे. हिमालयी राज्य देश का वाटर बैंक है. यही नहीं पर्यावरण को बचाने में भी इन राज्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. यही वजह है कि 28 जुलाई को उत्तराखंड में हो रहे हिमालयन कान्क्लेव में कई ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर सभी 11 हिमालय राज्य अपने विचार रखेंगे. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस कान्क्लेव में सभी राज्य अपने-अपने विचार और समस्याएं शेयर करेंगे और वित्त आयोग के सामने रखेंगे.

लम्बे समय से हिमालयी राज्य इको सिस्टम सर्विसेज और विशेष राज्य का दर्जा मांग रहे हैं. ये हिमालयी राज्य सिर्फ पर्यवारण को सुरक्षित ही नहीं रखते बल्कि देश की सुरक्षा भी करते हैं. ऐसे में हिमालययी राज्यों पर स्पेशल फोकस करना जरूरी माना जा रहा है.

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First published: July 19, 2019, 7:23 PM IST
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