हिमालयी राज्यों की केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस की मांग... कान्क्लेव में रखा यह मजबूत तर्क
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हिमालयी राज्यों की केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस की मांग... कान्क्लेव में रखा यह मजबूत तर्क
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रवत ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को केदारनाथ मंदिर का प्रतीक चिन्ह भेंट किया.

नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए केंद्र पोषित योजनाओं में हिमालयी राज्यों को वित्तीय सहायता की मांग की गई है.

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मसूरी में हुए हिमालयी राज्यों के कान्क्लेव में सभी हिमालय राज्यों ने एक कॉमन एजेंडा तैयार कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा है. हिमालयी राज्यों ने मांग की है कि पर्यावरण सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस दिया जाना चाहिए क्योंकि हिमालय राज्य देश के पर्यावरण की रक्षा के आधार हैं. ये राज्य प्रधानमंत्री मोदी के जल शक्ति संचय मिशन में प्रभावी योगदान देने वाले हैं. यह जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कान्क्लेव के समापन के बाद प्रेस वार्ता में दी.

असम के अलावा सभी हिमालयी राज्य शामिल 

मुख्यमंत्री ने बताया कि कान्क्लेव में यह भी मांग की गई कि नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए केंद्र पोषित योजनाओं में हिमालयी राज्यों को वित्तीय सहायता अधिक दी जानी चाहिए. नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों का सहयोग करे और बजट में ज्यादा सहायता करें.



 



trivendra, sitaraman in hiamalayan conclave, मसूरी में हुए हिमालयी राज्यों के कान्क्लेव में सभी हिमालय राज्यों ने एक कॉमन एजेंडा तैयार कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा है.
मसूरी में हुए हिमालयी राज्यों के कान्क्लेव में सभी हिमालय राज्यों ने एक कॉमन एजेंडा तैयार कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा है.


पहली बार हिमालयी राज्यों के प्रतिनिधियों ने इस कॉन्क्लेव में भाग लिया. असम को छोड़कर सभी 10 राज्यों के प्रतिनिधि हिमालयी राज्यों के कॉन्क्लेव में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि हिमालयी कॉन्क्लेव में आपदा, जलशक्ति, पर्यावरणीय सेवाओं आदि मामलों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को देखते हुए पलायन रोकने के लिए बॉर्डर एरिया के गांवों के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

वित्त मंत्री का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मामले में विचार ज़रूर करेगी. सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि हिमालयी राज्यों के कॉन्क्लेव में इस बात पर सभी हिमालय राज्य सहमत हुए कि यह कॉन्क्लेव हर वर्ष आयोजित किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हिमालयी राज्यों ने ज़ोर देकर कहा है कि हिमालय क्षेत्रों के लिए एक अलग मंत्रालय का भी गठन किया जाना चाहिए. कॉन्क्लेव में शामिल नीति आयोग, 15वें वित्त आयोग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हिमालय राज्यों के लिए अलग बजट से प्लान किए जाने का आश्वासन भी दिया गया.

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