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how char dham yatra rush decreased to half in two weeks know monsoon impact and numbers with details

Chardham Yatra: मॉनसून बना तीर्थयात्रा में रोड़ा, श्रद्धालुओं की संख्या 2 हफ्ते में आधे से भी कम, देखें डिटेल्स

बारिश से बनने वाले हालात के कारण चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार घट रही है.

बारिश से बनने वाले हालात के कारण चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार घट रही है.

Uttarakhand Pilgrimage : रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी तीनों ही​ ज़िलों में पिछले दो दिनों से बादल मेहरबान हैं. रुक रुककर अच्छी बारिश हो रही है. इन्हीं ज़िलों में तीर्थ यात्रियों को बारिश से परेशानी होने की खबरें भी हैं. मॉनसून की आमद के साथ ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चार धाम यात्रा किस तरह सिमटने लगी है? देखिए.

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देहरादून. मॉनसून सीज़न के आते ही चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेज़ी से कम होती दिख रही है. उत्तराखंड में आम तौर से मॉनसून 15 से 20 जून के बीच आता है, लेकिन इस बार करीब 9 दिन देरी से पहुंचा. हालांकि तीर्थ यात्रियों की संख्या में गिरावट 15 जून के बाद से ही शुरू होती दिखी. अब तक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो प्रदेश में 26 लाख 31 हजार श्रद्धालु इस यात्रा सीज़न में पहुंच चुके हैं. बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 9 लाख पार करने जा रहा है.

प्रदेश में 15 जून को करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन दो सप्ताह बाद यात्रा आधी से कम रह गई. 29 जून को दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 20 हजार के आंकड़े तक सिमटती दिखी. माना जा रहा है कि यह संख्या मॉनसून सीज़न के दौरान अभी और घटेगी. चूंकि बारिश में उत्तराखंड में चुनौतियां बढ़ जाती है और चार धाम यात्रा मार्गों पर जगह जगह भूस्खलन, भूधंसाव और सड़कें बहने की नौबत आ जाती है इसलिए तीर्थयात्रियों की संख्या भी कम रह जाती है.

इस साल कैसी चली यात्रा?
कोविड काल के बाद इस साल बगैर प्रतिबंधों के साथ श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या के साथ चार धाम यात्रा शुरू हुई थी. 3 मई को यमुनोत्री व गंगोत्री, 6 मई को केदारनाथ और 8 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुले तो शुरुआती दिनों में यात्रियों का सैलाब उमड़ने से कई समस्याएं भी खड़ी हो गई थीं. तब 35 हजार श्रद्धालु केदारनाथ, 40 हजार बद्रीनाथ, 30 हज़ार गंगोत्री और 15 हजार श्रद्धालु यमुनोत्री में रोज़ाना पहुंच रहे थे.

यात्रा के चरम पर प्रतिदिन करीब 70 हजार तीर्थ यात्री प्रदेश में पहुंच रहे थे, लेकिन करीब दो महीने होने और मॉनसून सीज़न की बारिशें शुरू होते ही यात्रियों की संख्या घट गई. इधर, चारों धामों में इस बार स्वास्थ्य कारणों से हुईं यात्रियों की मौतों की संख्या, जो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, अब उसमें गिरावट दिख रही है. पिछले करीब एक हफ्ते में किसी किसी दिन ऐसा भी हुआ कि कोई मौत नहीं हुई. हालांकि कल 29 जून को दो मौतें ज़रूर रिपोर्ट की गईं.

अब तक 26,21,722 श्रद्धालु कर चुके दर्शन
— सर्वाधिक 8,96,130 तीर्थ यात्री बद्रीनाथ पहुंचे
— 8,43,746 केदारनाथ
— 4,30,392 गंगोत्री
— 3,32,618 तीर्थ यात्री यमुनोत्री पहुंचे
— हेमकुंड साहिब में भी 1,18,836 यात्री पहुंच चुके हैं

सभी धामों में मरने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 241 पहुंच चुका है. 163 पुरुष और 77 महिला श्रद्धालुओं के साथ ही 1 बच्चे की मौत भी इस संख्या में शामिल है. धाम के हिसाब से देखें तो गंगोत्री में 16, यमुनोत्री में 69, केदारनाथ में 106, बद्रीनाथ में 48 और हेमकुंड साहिब में 2 श्रद्धालुओं की मौत हुई.

Tags: Char Dham Yatra, Uttarakhand Rains

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