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गोदाम में रखने की जगह नहीं तो गरीबों में बाट दो ये चावल

गोदाम में रखने की जगह नहीं तो गरीबों में बाट दो ये चावल

खाद्यान्न विभाग के कुमाऊं संभाग ने गढ़वाल मंडल को इतना चावल भेज दिया है कि गोदामों में रखने को जगह नहीं है और दर्जनों ट्रक कई दिनों से गोदामों के बाहर खड़े हैं.

खाद्यान्न विभाग के कुमाऊं संभाग ने गढ़वाल मंडल को इतना चावल भेज दिया है कि गोदामों में रखने को जगह नहीं है और दर्जनों ट्रक कई दिनों से गोदामों के बाहर खड़े हैं.

खाद्यान्न विभाग के कुमाऊं संभाग ने गढ़वाल मंडल को इतना चावल भेज दिया है कि गोदामों में रखने को जगह नहीं है और दर्जनों ट्रक कई दिनों से गोदामों के बाहर खड़े हैं.

खाद्यान्न विभाग की लापरवाही के चलते राशन का चावल गोदामों के बाहर ट्रकों में पड़ा है. खाद्यान्न विभाग के कुमाऊं संभाग ने गढ़वाल मंडल को इतना चावल भेज दिया है कि गोदामों में रखने को जगह नहीं है और दर्जनों ट्रक कई दिनों से गोदामों के बाहर खड़े हैं. इसको लेकर खाद्यान्न विभाग में हड़कंप मचा है.

सामान से लदे ये ट्रक कहीं जाने को तैयार नहीं हैं. बल्कि खाद्यान्न विभाग की अव्यवस्था का शिकार हैं और सामान के उतरने का इंतेजार कर रहे हैं. इनमें राशन का चावल भरा है जोकि खाद्यान्न विभाग के कुमाऊं संभाग से आया है और गढ़वाल मंडल के गोदामों में उतारा जाना है.

हालांकि ये नजारा देहरादून गोदाम का है लेकिन कमोबेश ऐसा नजारा गढ़वाल मंडल के ज्यादातर खाद्यान्न गोदामों का है. दरअसल कुमाऊं संभाग से चावल खरीद के बाद गढ़वाल के गोदामों में भी पीडीएस सिस्टम का चावल भेजा जाता है. लेकिन बिना किसी तालमेल के दर्जनों ट्रक भेज दिए गए इसको लेकर विभागीय मंत्री को सभी अफसरों को बुलाकर नाराजगी व्यक्त करनी पड़ी.

खुद मंत्री प्रीतम सिहं ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अफसरों को बुलाकर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगाई. मंत्री का कहना है कि विभागीय अफसरों की तालमेल की कमी के चलते इस प्रकार के हालात पैदा हुए हैं. जिससे कि राशन का चावल ट्रकों में लदा है और ट्रक सड़कों पर खड़े हैं. अफसरों को दुबारा ऐसा ना करने को कहा गया है.

खाद्यान्न विभाग का देहरादून के गोदाम की क्षमता 56 हजार कुंतल खाद्यान्न स्टोर करने की है. लेकिन गोदाम भरा होने के बावजूद कई दिनों से चावल से भरे ट्रक गोदाम के बाहर खड़े हैं. इसमें राज्य खाद्य सुरक्षा योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का चावल भी शामिल है.

गोदाम में जगह ना होने के कारण ट्रक से चावल की बोरियां निकालकर राशन डीलरों को आवंटित करते हुए छोटे ट्रकों में सीधा भरा जा रहा है. देहरादून के एसएमआई कहते हैं कि गोदामों में जगह ना होने से परेशानी हो रही है. चावल की मांग करने के बाद ही कुमाऊं संभाग को ट्रक भेजने चाहिए.

गोदाम में हालांकि ट्रकों से चावल उतारा भी जा रहा है लेकिन ये ट्रक कई दिनों गोदाम के बाहर खड़े हैं. यानि अगर बारिश होती है तो चावल के नुकसान का खतरा भी बना हुआ है. सवाल ये है कि आखिर खाद्य आपूर्ति विभाग में इतनी बड़ी लापरवाही आखिर क्यों हो रही है.

Tags: Uttarakhand news

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