बरसात के दिनों में इस गांव के लिए अभिशाप बन जाती हैं गंगा और सौंग नदी

Shailendra Singh | News18 Uttarakhand
Updated: July 7, 2018, 1:28 PM IST
बरसात के दिनों में इस गांव के लिए अभिशाप बन जाती हैं गंगा और सौंग नदी
बरसात के दिनों में सौंग नदी और गंगा नदी गांव के लिए बन जाती है आफत.

गौहरीमाफी में गंगा और सौंग नदी के किनारे बने तटबन्द वर्षो से टूटे होने के कारण बरसात के मौसम में हर वर्ष बाढ़ के कारण खेतों का कटाव होता है.

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हर वर्ष बरसात के मौसम में बाढ़ की मार झेलने वाले ऋषिकेश के गौहरीमाफी गांव में इस बार भी बरसात से पहले बाढ़ के खतरे को लेकर ग्रामीण आशंकित है. गौहरीमाफी में गंगा और सौंग नदी के किनारे बने तटबन्द वर्षो से टूटे होने के कारण बरसात के मौसम में हर वर्ष बाढ़ के कारण खेतों का कटाव होता है. जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

बरसात के मौसम में सौंग नदी और दूसरे छोर में बहने वाली गंगा नदी गौहरीमाफी गांव के लिए अभिशाप बन जाती है. गौहरीमाफी गांव के साथ ही आस-पास के गांवों में बाढ़ हमेशा कोहमराम मचाती है. गौहरीमाफी गांव में बाढ़ सुरक्षा को लेकर वर्ष 2013 में 5 करोड़ 76 लाख रुपये का बजट स्वीकृत होने के बावजूद अबतक बाढ़ सुरक्षा के कार्य अधर में लटके हुए हैं.

ऐसे में गौहरी माफी में बाढ़ सुरक्षा के अस्थाई कार्य कर प्रशासन ऊठ के मुंह में जीरा जैसे कार्य कर रहा है. हर वर्ष नेता अधिकारी बाढ़ के समय गौहरीमाफी का दौरा करते हैं और ग्रामीणों को बाढ़ सुरक्षा को लेकर आश्वासन देते हैं, लेकिन उसके बाद बाढ़ सुरक्षा के कार्य गांव में नहीं होते हैं.

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First published: July 7, 2018, 1:25 PM IST
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