महंगाई को लगे पंख, ट्रक, बस टैक्सी का किराया बढ़ाने की मची होड़

सरकार के डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ाने के फैसले का असर दिखने लगा है. राज्य में ट्रक यूनियन ने ट्रकों के माल भाड़े में पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 13, 2019, 8:30 AM IST
महंगाई को लगे पंख, ट्रक, बस टैक्सी का किराया बढ़ाने की मची होड़
राज्य में ट्रक माल भाड़े की वृद्धि के बाद बस और टैक्सी का किराया बढ़ सकता है
News18 Uttarakhand
Updated: July 13, 2019, 8:30 AM IST
उत्तराखंड सरकार के डीजल और पेट्रोल की कीमत बढ़ाने के फैसले का असर दिखने लगा है. राज्य में ट्रक यूनियन ने ट्रकों के माल भाड़े में पांच फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है. गौरतलब है कि बुधवार को राज्य सरकार ने डीजल पर रियायत खत्म कर दी और प्रति लीटर 2.50 रुपये बढ़ा दिया जिसके चलते ट्रक यूनियन ने भाड़े में पांच फीसदी बढ़ा दी और पांच फीसदी बढ़ाने की तैयारी में है. ट्रक के माल भाड़े में बढ़ोतरी के बाद अब बस किराए में भी बढ़ोतरी की मांग उठने लगी है.

बढ़ सकता है बस का किराया



Diesel price-डीजल की कीमत
बीते बुधवार को राज्य सरकार ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं.


उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में निजी बस परिवहन सेवा कंपनियां भी किराया बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए हैं. टीजीएमओ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेगी ने बताया कि बस मालिक पहले से ही नुकसान झेल रहे हैं. ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से बसों का संचालन करना और मुश्किल हो गया है. एसटीए से किराया बढ़ाकर रोडवेज बसों के समान करने की मांग कर चुके हैं. एसटीए ने इस बारे में कमेटी का गठन किया था, लेकिन अभी तक बैठक की कोई तारीख तय नहीं हो पाई है.

सिटी बस और टैक्सी का भी बढ़ेगा किराया

देहरादून सिटी बस और टैक्सी संचालक भी किराया बढ़ाने की मांग करने लगे हैं. सिटी बस महासंघ के अध्यक्ष विजय डंडरियाल ने एसटीए से शीघ्र किराया बढ़ाने की मांग की है. उधर, दून-गढ़वाल टैक्सी यूनियन के सचिव सत्यदेव उनियाल ने का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बाद हमें भी किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

महंगाई में आएगी तेजी
Loading...

जाहिर सी बात है कि ट्रक माल भाड़ा बढ़ने से आम जरूरत के चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं. देहरादून ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के सचिव अशोक ग्रोवर ने बताया कि उनकी एसोसिएशन के पांच हजार ट्रक हैं, जो सेलाकुई की फैक्ट्रियों से उत्पाद बाहरी प्रांतों तक पहुंचाते हैं और वहां से कच्चा माल यहां लाते हैं. इसके अलावा उत्तराखंड में फल, सब्जी, खाद्यान्न, भवन सामग्री समेत आम जरूरत की चीजों को ट्रांसपोर्ट करते हैं.

अशोक ग्रोवर ने बताया किआम बजट में सरकार ने डीजल में 2.30 रुपये की बढ़ोतरी की. उन्होंने बताया कि इसके बाद सभी ट्रांसपोर्टरों से पांच फीसदी भाड़ा बढ़ाने को कहा गया. अब उत्तराखंड सरकार ने डीजल पर रियायत खत्म कर दी है. ऐसे में ट्रांसपोर्टर चार से पांच फीसदी भाड़े में और वृद्धि कर सकेंगे.

यह भी पढ़ें: VIDEO: हल्द्वानी में दो सांपों की लड़ाई में बड़े ने छोटे को निगला

हिरासत में युवक की मौत मामले में चौकी प्रभारी समेत 5 पुलिसवाले सस्पेंड
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...