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विश्व विकलांग दिवस 2022: परेशानियों से गुजर रहे उत्तराखंड के दिव्यांग, बोले- 1500₹ पेंशन में कैसे हो गुजारा?

विनोद ने बताया कि वह आंखों से नहीं देख सकते हैं इसीलिए वह कुछ काम नहीं कर पाते हैं. उनकी बूढ़ी मां दूसरों के घरों में क ...अधिक पढ़ें

    हिना आज़मी/देहरादून. विश्व विकलांग दिवस (International Day of Disabled Persons 2022) पर हर साल दिव्यांगजनों के बारे में बात की जाती है. उत्तराखंड राज्य के विकलांगजन कई परेशानियों से गुजर रहे हैं. वे पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि महंगाई के इस दौर में महज 1500 रुपये महीने में उनका गुजारा नहीं हो पाता है. वे रोजगार से भी जुड़ना चाहते हैं ताकि अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकें.

    देहरादून के फुटपाथ पर प्लास्टिक का सामान बेचकर गुजारा चलाने वाले दिव्यांग विक्की ने बताया कि उनके परिवार की जिम्मेदारियां उन्हीं पर हैं. उन्हें पेंशन भी सिर्फ 1500 रुपये महीना मिलती है. इसमें वह अपना गुजारा करें या परिवार का करें. विक्की ने सरकार से गुहार लगाई है कि विकलांग पेंशन को अगर बढ़ा दिया जाए, तो राज्य के दिव्यांगजनों की परेशानियां कुछ हद तक कम हो जाएंगी.

    एमडीडीए कॉलोनी में रहने वाले दिव्यांग विनोद का कहना है कि विकलांग लोगों के लिए सरकार भले ही काम कर रही है, लेकिन जितना होना चाहिए उतना काम नहीं हो पा रहा है. उनका कहना है कि शरीर से सक्षम लोग भी रोजगार से वंचित हैं. ऐसे में उनके सामने क्या विकल्प रह जाते हैं.

    वहीं कांवली रोड निवासी विनोद ने बताया कि वह आंखों से नहीं देख सकते हैं इसीलिए वह कुछ काम नहीं कर पाते हैं. उनकी बूढ़ी मां दूसरों के घरों में काम करती हैं. मजबूरन उन्हें भीख मांगनी पड़ती है. उनका कहना है कि सरकार की तरफ से जो पेंशन मिलती है, उसे बढ़ाना चाहिए ताकि उन्हें थोड़ी मदद मिल सके.

    समाज कल्याण निदेशक बीएल फिरमाल का कहना है कि सरकार की तरफ से राज्य के दिव्यांगजनों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 164.48 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है. वहीं 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को हर महीने 700 रुपये दिव्यांग भरण पोषण अनुदान दिया जाता है. इसके अलावा 1500 रुपये दिव्यांग पेंशन प्रतिमाह दी जाती है.

    उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि समय-समय पर दिव्यांगजनों के लिए कैंप लगाकर जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग अनुदान योजना के तहत करीब ₹3500 की धनराशि दी जाती है. इसके साथ ही अगर कोई दिव्यांग विवाह करता है, तो उसे प्रोत्साहन राशि के रूप में ₹25000 की धनराशि दी जाती है. प्रदेश में दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 66 के अंतर्गत दिव्यांग सलाहकार बोर्ड का गठन और धारा 72 के अंतर्गत जनपद स्तर पर जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है.

    Tags: Dehradun news, Uttarakhand news

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