लाइव टीवी

सुन रही है सरकार? कोरोना वायरस फैलने का खतरा हो सकता है कम, सरकार की मदद को तैयार हैं ये लोग
Dehradun News in Hindi

Rajesh Dobriyal | News18 Uttarakhand
Updated: March 26, 2020, 6:49 PM IST
सुन रही है सरकार? कोरोना वायरस फैलने का खतरा हो सकता है कम, सरकार की मदद को तैयार हैं ये लोग
उत्तराखंड में लॉकडाउन के चौथे दिन भी देहरादून में अवैध रूप से कई ठेलियां भी खुलीं और सब्ज़ी मंडी में तो लोग सब्ज़ियां खरीदने के लिए टूट पड़े.

उत्तराखंड में लोग खुद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे और इसकी वजह से पुलिस पर भारी दबाव आ गया है.

  • Share this:
देहरादून. हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे... उत्तराखंड और कम से कम देहरादून में तो लोग इस कहावत को चरितार्थ करते दिख रहे हैं. कोरोना वायरस से होने वाली जिस बीमारी का इलाज नहीं और भारत समेत दुनिया भर में जिससे मरने वालों की संख्या का आंकड़ा रोज़ बढ़ रहा है उसे लेकर यहां लोग घनघोर लापरवाह दिख रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह किए बिना सब्ज़ियों, राशन की दुकान पर लोग टूट पड़ रहे हैं. पुलिस मुख्य सड़कों पर तो मौजूद है लेकिन गलियों में हमेशा तैनात नहीं रह सकती. तो हल क्या है? एक हल है सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए वॉलंटियर्स की टीम बनाना और यह संभव भी है, अगर सरकार चाहे तो.

पीएम की अपील की भी परवाह नहीं

राज्य सरकार लगातार कह रही है कि आवश्यक सामग्री की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. ज़रूरत से ज्यादा सामान न भरें लेकिन लोगों को इस पर यकीन ही नहीं हो रहा. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, अख़बार-टीवी, सोशल मीडिया में सब कह रहे हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना ज़रूर है लेकिन कर्फ़्यू की तरह सामान की किल्लत होने के डर में लोग इसकी परवाह ही नहीं कर रहे.

उत्तराखंड में दिक्कत इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि यहां सिर्फ़ 3 घंटे के लिए ही सब्ज़ी, राशन की दुकानें खोलने की अनुमति है. यूपी में चूंकि दुकानें पूरे समय खुल रही हैं इसलिए लोग वहां भगदड़ नहीं मचा रहे और सोशल डिस्टेंसिंग सफल नज़र आ रही है. दिल्ली सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए ज़रूरी सामान की दुकानों को सातों दिन चौबीस घंटे खोलने का फ़ैसला किया है.



सरकार की तैयारी 

उत्तराखंड में एक दिक्कत और नज़र आ रही है. लोग खुद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे और इसकी वजह से पुलिस पर भारी दबाव आ गया है. प्रदेश में 6000 पुलिसकर्मी और 20 कंपनी पीएसी को लॉकडाउन कामयाब बनाने के लिए लगाया गया है.

ख़बर लिखे जाने तक आज लॉकडाउन का उल्लघंन करने पर राज्य भर में कुल 60 केस दर्ज किए गए और 595 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. पुलिस मुख्यालय के अनुसार अभी तक कुल 225 केस दर्ज किए गए हैं और 1265 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इसके अलावा एमवी एक्ट के तहत कुल 5,181 वाहनों के चालान काटे गए हैं, 1447 वाहन सीज़ किए गए हैं और 20,92,300 रुपये जुर्माना वसूला गया है.

यह भी बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रदेश के अस्पतालों में कुल 933 आइसोलेशन बेड कोरोना वायरस मरीज़ों के लिए आरक्षित किएगए हैं. सभी 13 ज़िलों में क्वैरेंटाइन के लिए 1,384 बेड रखे गए हैं. लेकिन देहरादून की निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी, हनुमान चौक जैसे थोक बाज़ारों में अगर कोरोना का कोई पेशेंट पहुंच गया तो हज़ारों लोगों को इंफ़ेक्शन होते देर नहीं लगेगी और तब राज्य का स्वास्थ्य ढांचा चरमरा जाएगा.

ये हैं मदद को तैयार 

अभी तक के अनुभवों को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि कल लोग अचानक तमीज़दार हो जाएंगे और खुद ही सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने लगेंगे. अब चूंकि सभी जगह पुलिस खड़ी नहीं हो सकती इसलिए ज़रूरी है कि इन लोगों को रोकने, टोकने के लिए सिविल सोसायटी की मदद ली जाए.

सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी (एसडीसी) एनजीओ के संस्थापक अनूप नौटियाल कहते हैं कि अगर सरकार पहल करे तो उनके जैसे कई लोग मदद के लिए आगे आ सकते हैं. कोरोना संकट की वजह से वह वैसे भी कोई काम नहीं कर पा रहे हैं और संकट के इस समय उन्हें अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने में कोई हिचक नहीं है.

नौटियाल कहते हैं कि निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी का ही उदाहरण लें तो वह माइक के साथ मंडी में मौजूद रह सकते हैं और वहां आने वाले लोगों को लगातार सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने, भगदड़ न मचाने के बारे में कह सकते हैं. जब लोगों को लगातार टोका जाएगा और उन्हें लगेगा कि उन पर नज़र रखी जा रही है तो वह नियमों का पालन करेंगे. इससे बढ़-चढ़ कर दाम वसूलने की घटनाओं पर भी विराम लगेगा.

क्या सुन रही है सरकार? 

नौटियाल के सुझाव पर सरकार गौर करे तो हर मोहल्ले में दो-एक ज़िम्मेदार नागरिक मिलना संभव है जो अपने स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने के लिए आगे बढ़कर काम करें. लेकिन ज़ाहिराना तौर पर इसके लिए पहल सरकार को ही करनी होगी क्योंकि यह ऐसा मौका नहीं कि लोग खुद बाहर निकलें.

बहरहाल न्यूज़ 18 ने आज भी कोरोना वायरस को लेकर सरकार की ओर से मीडिया से कोओर्डिनेशन करने के लिए ज़िम्मेदार आईएएस युगल किशोर पंत से बात करने की कोशिश की लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. अगर वह अपना पक्ष रखते हैं तो हम उसे यहां पब्लिश ज़रूर करेंगे.

ये भी देखें: 

COVID-19: लॉकडाउन के नियम भूल रहे लोग, पानी की फिक्र में नहीं हो पा रही सोशल डिस्टेंसिंग

ऐसे तो और फैलेगा कोरोना... प्रदेश भर में सामान खरीदने के लिए दुकानों पर लग रही भीड़

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 26, 2020, 6:46 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर