जमाती, प्रवासी, मंत्री और... जानिए कौन हैं उत्तराखंड के 4 सुपर स्प्रेडर जिनकी वजह से बढ़ रहा है कोरोना का ग्राफ़
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जमाती, प्रवासी, मंत्री और... जानिए कौन हैं उत्तराखंड के 4 सुपर स्प्रेडर जिनकी वजह से बढ़ रहा है कोरोना का ग्राफ़
शुरुआती दौर में उत्तराखंड में कोरोना वायरस के मामले बेहद सीमित रहे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तराखंड में पहला मामला 15 मार्च को सामने आया. विदेश से लौटा एक आईएफ़एस अफ़सर कोरोना संक्रमित पाया गया था.

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देहरादून. उत्तराखंड में कोरोना के पांच ऐसे सुपर स्प्रेडर हुए जिन्होंने न सिर्फ उत्तराखंड में कोरोना ग्राफ बढ़ा दिया बल्कि सरकार को कोरोना के खिलाफ बनाई गई रणनीति को बदलने पर भी मजबूर कर दिया. शुरुआती दौर में उत्तराखंड में कोरोना वायरस के मामले बेहद सीमित रहे. शुरुआत में ये सिर्फ़ विदेश से लौटे लोगों में पाया जा रहा था. प्रदेश में कोरोना के मामले उछले पहले जमातियों और फिर प्रवासियों के आने के साथ. लेकिन सिर्फ़ यही सुपर स्प्रेडर नहीं हैं, दो और समूह या जगह हैं जिन्होंने सारी कोशिशों, तैयारियों को धता बता दिया.

जमाती

उत्तराखंड में पहला मामला 15 मार्च को सामने आया. विदेश से लौटा एक आईएफ़एस अफ़सर कोरोना संक्रमित पाया गया था. इसके बाद 29 मार्च तक ये आंकड़ा सात पर जा पहुंचा. कोरोना संक्रमितों में एक विदेशी नागरिक और विदेश से लौटे छह ट्रेनी आईएफएस अफसर शामिल थे.



इसके बाद जमातियों के साथ ने कोरोना के मामलों में उछाल आया. दो अप्रैल के बाद जमात से जुड़े लोगों के केस आने शुरू हुए. दो अप्रैल को तीन जमाती कोरोना पॉजीटिव निकले तो फिर यह सिलसिला बढ़ता चला गया. 24 अप्रैल आते-आते उत्तराखंड में टोटल पॉज़िटिव केसों की संख्या 48 पहुंच चुकी थी, जिनमें 39 अकेले जमात से जुड़े हुए लोग थे. 26 अप्रैल से दूसरे केस भी आने लगे.
प्रवासी

तीन मई आते-आते कोरोना संक्रमण में कमी आने लगी थी. तीन मई को उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कुल साठ केस थे, जिनमें से एक्टिव केस मात्र बीस थे. लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं ठहर पाई. इसके बाद प्रवासियों की घर वापसी शुरु हुई तो फिर कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते गए, जो अब भी जारी हैं.

19 मई को पहला झटका लगा जब एक दिन में 15 लोग पॉजीटिव आए. ये सभी अन्य प्रदेशों से लौटकर आने वाले लोग थे. कोरोना संक्रमितों का आंकडा 19 मई को 111 पहुंच चुका था. 23 मई को ये आंकडा 244 पर पहुंचा तो 28 मई को 500, दो जून को 1043 और चार जून को ये आंकड़ा 1153 पर पहुंच चुका था.

कैबिनेट मंत्री

इस दौरान दो और बडे़ कोरोना स्प्रेडर भी सामने आए. 31 मई को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत उनके परिवार और स्टॉफ के 22 सदस्यीय कोरोना पॉजीटिव निकल गए. इससे सरकार को बड़ा झटका लगा. उत्तराखंड में किसी कॉलोनी से इतने कोरोना पॉज़िटिव नहीं निकले जितने अकेले कैबिनेट मंत्री के घर से.

विपक्ष हमलावर हुआ तो सीएम से लेकर मुख्य सचिव तक को सेल्फ क्वारंटीन में जाना पड़ा. अगले तीन दिन राज्य सचिवालय में सन्नाटा पसरा रहा. अफसर और नेता तीन दिन के सेल्फ क्वारंटीन से वापस लौटे तो एक और झटका प्रदेश का इंतज़ार कर रहा था.

सब्ज़ी मंडी

बुधवार को शाम होते-होते निरंजन पुर सब्जी मंडी से एक साथ 22 केस सामने आ गए. इससे सरकार को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी. मंडी तो सील हुई ही अब शनिवार और रविवार को दून में नगर निगम क्षेत्र में मार्केट भी पूरी तरह बंद रखने का फैसला लेना पड़ा.

न्यूज़ 18 शुरु से ही सब्ज़ी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाए जाने और यहां से कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका जताते हुए ख़बरें करता रहा था लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी. इसी का नतीजा है कि सब्ज़ी मंडी भी सुपर स्प्रेडर साबित हो गई.

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