JNNURM : अब होगी रिस्पना नदी के किनारे बने 150 फ्लैटों के खतरों की जांच

जेएनएनयूआरएम योजना के तहत करीब आठ साल पहले रिस्पना नदी के किनारे 150 फ्लैट बनाए गए. पर मुसीबत यह है कि इसमें लोग रहने के लिए तैयार नहीं हैं.

News18 Uttarakhand
Updated: August 5, 2019, 7:49 AM IST
JNNURM : अब होगी रिस्पना नदी के किनारे बने 150 फ्लैटों के खतरों की जांच
प्रतीकात्मक तस्वीर: जेएनएनयूआरएम के तहत नगर निगम ने 150 फ्लैट बनाए गए थे. अब इनकी सुरक्षा की दृष्टि से जांच होगी.
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Updated: August 5, 2019, 7:49 AM IST
उत्तराखंड के देहरादून में जेएनएनयूआरएम योजना के तहत करीब आठ साल पहले रिस्पना नदी के किनारे 150 फ्लैट बनाए गए. पर मुसीबत यह है कि इसमें लोग रहने के लिए तैयार नहीं हैं. यहां कोई नहीं रह रहा है तो इसका रखरखाव भी नहीं हो रहा है जिसके चलते ये फ्लैट इन आठ वर्षों में खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. इतने वर्षों बाद निगर निगम देहरादून प्रशासन की नींद खुली है और वह यह सर्वे करवा रहा है कि इन फ्लैटों को रिस्पना नदी से कोई खतरा तो नहीं है.

विधानसभा में उठा था रिस्पना नदी के किनारे बने फ्लैटों का मसला

flats-फ्लैट
रामनगर बस्ती में करीब 80 फ्लैट हैं. काठ बंगला बस्ती में 70 फ्लैटों का काम अभी भी अधूरे हैं.


जेएनएनयूआरएम योजना के तहत देहरादून नगर निगम ने काठ बंगला बस्ती और रामनगर बस्ती में फ्लैट बनाए थे. रामनगर बस्ती में करीब 80 फ्लैट हैं. काठ बंगला बस्ती में 70 फ्लैटों का काम अभी भी अधूरा है. विधानसभा में भी रिस्पना नदी की तट पर बनाए गए इन फ्लैटों का मामला उठा था. हालांकि ब्रह्मपुरी में बने 64 फ्लैट लेने के लिए स्थानीय बस्ती के लोग तैयार हो गए हैं. नगर आयुक्त ने बताया कि 70 लोगों ने फ्लैट लेने के लिए हामी भरी है और इसके लिए जल्द ही आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

प्राकल्लन समिति के समक्ष भी फ्लैटों पर खतरे का मामला रखा गया था

इन फ्लैटों का मसला विधानसभा की प्राकल्लन समिति के समक्ष भी रखा गया. प्राकल्लन समिति ने नगर निगम से कहा था कि जहां भी फ्लैट बने हैं, वहां पर देखा जाए कि वे खतरे की जद में तो नहीं है. नगर आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि फ्लैेट रिस्पना नदी के किनारे बने हैं, इसलिए जियोजिकल विभाग से इस बात का सर्वे कराया जाएगा कि फ्लैट की जमीन खतरे की जद में है या नहीं.

फ्लैट को पूरा करने के लिए अभी 10 करोड़ की दरकार
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काठ बंगला में 70 अधूरे बने फ्लैटों के निर्माण कार्य पूरा करने के लिए और 10 करोड़ रुपये की दरकार है. इन फ्लैटों को पूरा करने के क्रम में अभी बहुत सारे काम नए सिरे से दुरुस्त कराने के हैं. जेएनएनयूआरएम योजना की अंतिम किस्त नहीं मिल पाई थी, इसलिए अब इसे पूरा करने के लिए नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार किया है.

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First published: August 5, 2019, 7:47 AM IST
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