कांवड़ मेला 17 जुलाई से, हरियाणा-पश्चिमी यूपी के गांवों तक बताए जाएंगे Do's & Dont's

कांवड़ यात्रा के दौरान में हुड़दंगियों पर नजर बनाने के लिए पुलिस ड्रोन का भी सहारा लेगी.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 2, 2019, 9:05 PM IST
कांवड़ मेला 17 जुलाई से, हरियाणा-पश्चिमी यूपी के गांवों तक बताए जाएंगे Do's & Dont's
उत्तराखंड डीजीपी की अध्यक्षता में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, आईटीबीपी, एसएसबी, रेलवे सुरक्षा बल, आ सूचना ब्यूरो के अधिकारियों की 15वीं अन्तर्राज्यीय और अन्तर्इकाई समन्वय बैठक हुई.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: July 2, 2019, 9:05 PM IST
प्रदेश में 17 से 30 जुलाई तक कांवड़ मेला शुरू होने वाला है. इस दौरान करोड़ों की संख्या में आस-पड़ोस से कांवड़िए हरिद्वार ऋषिकेश आते हैं. इतनी भारी संख्या में आने वाले कांवड़ियों को नियंत्रण में रखना, यात्रा को सकुशल संपन्न करवाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है. इसी की तैयारियों के तहत राज्य के पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी की अध्यक्षता में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, आईटीबीपी, एसएसबी, रेलवे सुरक्षा बल, आ सूचना ब्यूरो के अधिकारियों की 15वीं अन्तर्राज्यीय और अन्तरइकाई  समन्वय बैठक हुई. बैठक में कांवड़ मेला को सकुशल संपन्न करने पर चर्चा की गई. अधिकारियों की ट्रेफिक व्यवस्था पर भी बातचीत हुई.

3 करोड़ कांवड़िए आने का अनुमान 

कांवड़ यात्रा उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन के लिए साल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होती है. डीजीपी अनिल रतूड़ी के अनुसार साल 2011 डेढ़ करोड़ लोग कावंड़ लेकर उत्तराखंड आए थे. इस बार यह संख्या 3 करोड़ पहुंचने का अनुमान है. खास बात यह भी है कि उत्तराखंड की कुल आबादी 1.10 करोड़ ही है.

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डीजीपी ने माना कि यात्रा का संचालन बड़ी चुनौती होती है. इसमें ट्रैफ़िक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा जैसी चीज़ों का ध्यान रखना होता है. डीजीपी ने कहा कि पहले हुई घटनाओं से सबक लेकर सभी ने प्रोफ़ेशनल ढंग से तैयारी की है. कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाज़त किसी को नहीं दी जाएगी.

हरियाणा से सबसे ज़्यादा कांवड़िए

कांवड़ियों में सबसे बड़ी संख्या हरियाणा की होती है जो कुल संख्या का 36% होते हैं और फिर पश्चिमी यूपी के करीब 32%. डीजीपी ने बताया कि इन दोनों राज्यों की ग्राम पंचायतों के स्तर से ऐसे सभी कांवड़ियों को यात्रा के दौरान Do's and Dont's (ध्यान रखने वाली बातें) बताई जा रही हैं. इसका भी प्रचार किया जा रहा है कि देहरादून-मसूरी या चार धाम पर आने वाले यात्री रुड़की हरिद्वार के अलावा किस रास्ते का इस्तेमाल करें.
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इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान में हुड़दंगियों पर नजर बनाने के लिए पुलिस ड्रोन का भी सहारा लेगी. कांवड़ मेले में आने वालों के हॉकी, दण्ड और बेस बैट लाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है. डीजे के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को फॉलो करने की बात कही जा रही है.

अपराधियों की लिस्ट साझा 

मीटिंग में शामिल सहारनपुर के आईजी शरद सचान ने बताया कि बैठक में सभी राज्यों के अधिकारीयों ने अपने-अपने राज्यों के फ़रार अपराधियों की लिस्ट भी साझा की ताकि अपना इलाक़ा छोड़कर जाने आस-पड़ोस के राज्यों में भागने वाले अपराधियों को जल्द पकड़ा जाए.

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First published: July 2, 2019, 5:41 PM IST
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