केदारनाथ: सर्च ऑपरेशन में पुलिस को मिले 4 नरकंकाल, 2013 से अब तक मिल चुके हैं 703 स्केलटन

नरकंकाल को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन करते कर्मचारी
नरकंकाल को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन करते कर्मचारी

16 सितंबर को चार दिवसीय सर्च अभियान शुरू किया गया था. पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर (Navneet Singh Bhullar) के नेतृत्व में 10 टीमों को केदारनाथ से जुड़े अलग-अलग ट्रैकिंग रूट पर भेजा गया था.

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रुद्रप्रयाग. केदारनाथ आपदा (Kedarnath Disaster) में लापता हुए लोगों के कंकालों की खोजबीन के लिए चल रहे सर्च ऑपरेशन के पांचवें दिन रविवार सुबह टीम को 4 नरकंकाल (Male skeleton) मिले. ये नरकंकाल रामबाड़ा के ऊपरी तरफ खोजबीन के दौरान पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नरकंकालों का डीएनए सैंपल (DNA Sample) लेने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा.

बता दें कि बीते 16 सितंबर को चार दिवसीय सर्च अभियान शुरू किया गया था. पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में 10 टीमों को केदारनाथ से जुड़े अलग-अलग ट्रेकिंग रूट पर भेजा गया था. चार दिन तक टीम को एक भी नर कंकाल नहीं मिला था. इसलिए 9 टीमें बीते शनिवार को वापस आ गई थीं, जबकि एक टीम का अभियान रविवार तक बढ़ा दिया गया था. ऐसे में रविवार को सुबह इस टीम को 4 नरकंकाल मिले.

6 सालों में मिल चुके 703 कंकाल 
बता दें कि 16-17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में हजारों लोग मारे गए थे. रेस्क्यू दलों द्वारा चार हजार से अधिक शव बरामद किए गए थे, लेकिन कई लोगों का पता नहीं चल पाया था. नरकंकालों की खोजबीन के लिए बीते छह वर्षों में शासन द्वारा कई सर्च अभियान चलाए जा चुके हैं, जिसमें इस बार सहित 703 कंकाल मिल चुके हैं.
10 टीमों में 60 कर्मचारी हुए शामिल


टीम में रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी गढ़वाल से सात उपनिरीक्षक और 20 आरक्षी के साथ एसडीआरएफ के तीन उपनिरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी और 19 आरक्षी शामिल थे. साथ ही रुद्रप्रयाग जिले से 10 फार्मेसिस्ट भी टीम में थी. प्रत्येक टीम में उपनिरीक्षक समेत पुलिस और एसडीआरएफ के दो-दो आरक्षी और एक फार्मासिस्ट को रखा गया था. टीमों को रात्रि प्रवास की सामग्री, स्लीपिंग बैग समेत सुरक्षा उपकरण और वीडियोग्राफी के लिए कैमरे भी उपलब्ध कराए गए थे.
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