मौन विरोध कर रहे केदारनाथ धाम के पुरोहितों ने दी धमकी, जल्द तेज़ होगा आंदोलन

रविवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहा पुरोहितों का प्रदर्शन.

Uttarakhand News : एक तरफ उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा को चरणबद्ध ढंग से शुरू करने का फैसला किया है, तो दूसरी तरफ केदारनाथ के पुरोहितों ने धमकी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन उग्र भी हो सकता है.

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    देहरादून. उत्तराखंड में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ मंदिर के बाहर बैठकर कई पुजारी मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग किए जाने की मांग को लेकर ये पुजारी लगातार विरोध कर रहे हैं. इस रविवार को यह विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा और पुजारियों व पुरोहितों ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, वो विरोध प्रदर्शन करेंगे और जल्द ही इस शांत विरोध प्रदर्शन को तेज़ करने की तरफ कदम उठाए जाएंगे. अगर बोर्ड को भंग करने का फैसला उत्तराखंड सरकार ने नहीं लिया.

    केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को तीन दिन हो चुके हैं और यह लगातार जारी रहेगा क्योंकि देवस्थानम बोर्ड बनाकर उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक विरोध जताने के लिए उपवास रखे हुए इन पुरोहितों ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इन्हें आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री बनते ही वह उनकी मांगों पर ध्यान देते हुए देवस्थानम बोर्ड के बारे में पुनर्विचार करेंगे.

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    केदारनाथ के पुरोहितों ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.


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    'उग्र हो सकता है आंदोलन'
    पुरोहितों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वादा निभाना तो दूर, वादाखिलाफी की है क्योंकि बोर्ड को भंग करने के बजाय, उसका और विस्तार किया जा रहा है. 'सरकार के इस तरह के कदम बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.' यह कहते हुए पुरोहितों ने चेतावनी दी कि बोर्ड को जल्द भंग नहीं किया गया तो विरोध जारी रहेगा. केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के सदस्य अंकित सेमवाल ने कहा, 'अभी तो सिर्फ सांकेतिक प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को तेज़ और उग्र किया जाएगा.'

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