Haridwar Kumbh 2021: निर्धारित समय पर होगा कुंभ, CM रावत और 13 अखाड़ों की बैठक में फैसला
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Haridwar Kumbh 2021: निर्धारित समय पर होगा कुंभ, CM रावत और 13 अखाड़ों की बैठक में फैसला
राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बैठक में किए गए फ़ैसलों की जानकारी दी.

Haridwar Kumbh 2021 के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 13 अखाड़ों के साथ की बैठक. कुंभ के मद्देनजर हरिद्वार में स्थाई प्रकृति के कामों की प्रगति पर नजर रखने के लिए कमेटी बनी.

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देहरादून. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) की वजह से 2021 में होने वाले कुंभ (Haridwar Kumbh) पर संकट के बादल छाए हुए हैं. अब तक यह साफ नहीं है कि इस बार कुंभ का आयोजन हो पाएगा या नहीं. लेकिन सरकार अपनी ओर से तैयारियों में जुटी हुई है. आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने इसको लेकर सभी अखाड़ों के साथ बात की, जिसके बाद तय किया गया कि कुंभ का आयोजन निर्धारित समय पर ही किया जाएगा. बैठक में यह भी तय किया गया कि कांवड़ यात्रा (Kanwad Yatra) स्थगित किए जाने की वजह से पड़ोसी राज्यों को गंगाजल उपलब्ध करवाया जाएगा.

राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बैठक में किए गए फ़ैसलों पर चर्चा की...

  • बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु प्रयासरत है. कुंभ का आयोजन निर्धारित समय अवधि में संपन्न हो इसके लिए सभी अखाड़ों की भी सहमति है.

  • कुंभ की व्यवस्थाओं के अंतर्गत किए जा रहे स्थाई प्रकृति के कार्यों को निर्धारित अवधि में पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं. हरिद्वार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों, पुलों आदि के निर्माण, पुनर्निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं.

  • राज्य सरकार सभी 13 अखाड़ों को उनके स्तर पर श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु कुंभ मेला प्रयाग की भांति यथासंभव आर्थिक सहयोग दिए जाने पर विचार कर रही है. इससे अखाड़ों को जन सुविधाओं व मूलभूत सुविधाओं के विकास में सुविधा होगी.



  • जिन अखाड़ों के पास अपनी भूमि उपलब्ध होगी उन्हीं को अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. अखाड़ों के अधीन होने वाले कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था का भी निर्धारण शीघ्र किया जाएगा.

  • श्रावण माह में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कांवड़ मेले को कोविड-19 के दृष्टिगत स्थगित किया जा रहा है. इस संबंध में यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व हिमाचल के मुख्यमंत्रियों से मुख्यमंत्री की बात हुई है. सभी ने वर्तमान संकट को ध्यान में रखते हुए इसके लिए सहमति जताई है.

  • कांवड़ के दृष्टिगत उत्तराखंड सरकार अपने पड़ोसी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उप राज्यपालों एवं मंत्रिगणों के माध्यम से उनके प्रदेशों को गंगाजल उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी.

  • गंगाजल के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को उनके समीप के प्रमुख मंदिरों में गंगा जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी. प्रदेश सरकार पीतल के बड़े कलशों में हर की पैड़ी से गंगा जल भरकर संबंधित प्रदेशों को उपलब्ध कराएगी.


 


  • कुंभ मेले के स्थायी प्रकृति के कार्यों की व्यापक समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने नगर विकास मंत्री (मदन कौशिक), सचिव शहरी विकास एवं मेलाधिकारी की एक समिति गठित की है. समिति कार्यों की नियमित समीक्षा करेगी. कुंभ के अंतर्गत किए जाने वाले अस्थायी निर्माण कार्यों के सम्बन्ध में भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा.

  • गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी छड़ी यात्रा का संचालन किया जाएगा लेकिन इसमें सीमित लोग शामिल होंगे. यह यात्रा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एकता की प्रतीक है. परम्परानुसार जूना अखाड़े से पवित्र छड़ी यमुनोत्री, गंगोत्री होते हुए केदारनाथ और बदरीनाथ जाती है. बद्रीनाथ से यह छड़ी कुमाऊं मंडल के विभिन्न तीर्थ स्थलों से होते हुए वापस जूना अखाड़ा हरिद्वार पहुंचती है और माया देवी मंदिर में प्रतिष्ठित की जाती है.

  • हरिद्वार में चूंकि प्रति माह कोई न कोई आयोजन होता रहता है अतः अवस्थापना सुविधाओं के विकास से इसमें सुविधा होगी. हरिद्वार में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों व आयोजनों में भले ही सीमित संख्या में श्रद्धालु आएं लेकिन आते ज़रूर हैं.

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