टिहरी झील में डूबी मरीना बोट पर खर्च होगें लाखों रुपये

टिहरी झील में डूबी फ्लोटिंग मरीना बोट पर डीएम की जांच रिपोर्ट आ गई है. बोट को चलती हालत में दोबारा लाने के लिए विभाग को 8 से 10 लाख रुपये खर्च करने होंगे.

Robin Singh Chauhan | News18 Uttarakhand
Updated: July 3, 2019, 12:50 PM IST
टिहरी झील में डूबी मरीना बोट पर खर्च होगें लाखों रुपये
टिहरी झील में डूबी फ्लोटिंग मरीना बोट पर डीएम की जांच रिपोर्ट आई.
Robin Singh Chauhan | News18 Uttarakhand
Updated: July 3, 2019, 12:50 PM IST
टिहरी झील में डूबी फ्लोटिंग मरीना बोट पर डीएम की जांच रिपोर्ट आ गई है. जांच में बोट को चलती हालत में दोबारा लाने के लिए अब विभाग को 8 से 10 लाख रुपये खर्च करने होंगे. जब टिहरी झील में फलोटिंग मरीना बोट डूबी थी तब पर्यटन विभाग की खूब किरकिरी हुई थी. तब इस मामले की जांच डीएम टिहरी को सौंपी गई और अब डीएम की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि इस बोट को दोबारा चलती हालत में लाने के लिए 8 से 10 लाख का खर्च आएगा. गढ़वाल मण्डल विकास निगम की एमडी ईवा आशीष का कहना है कि टिहरी के डीएम की रिपोर्ट उन्हें मिली है. उन्होंने इसे टूरिज्म डेवल्पमेंट बोर्ड को सौंप दी है.

मरीना बोट पर हुई थी कैबिनेट की बैठक
बता दें कि पिछले साल 16 मई 2018 को इस बोट पर कैबिनेट की बैठक हुई थी जिसमें प्रदेश के पर्यटन को मजबूत करने का फैसला लिया गया था. तब 13 जिलों में 13 नए डेस्टीनेशन बनाने की योजना का ऐलान भी किया गया था. लेकिन इस बैठक के एक साल बाद ये बोट ही टिहरी झील में डूब गई. दरअसल लगभग 4 करोड की ये बोट गढ़वाल मण्डल विकास निगम को दी गई है. इसे पीपीपी मोड पर दिया जाना था. लेकिन किसी प्राइवेट खरीदार ने इसमें इंटरेस्ट ही नहीं दिखाया. इसके बाद कुछ समय तक ये बोट लावारिस रही और बाद में गढ़वाल मण्डल विकास निगम को इसे हैंड ओवर कर दिया गया. लेकिन निगम के पास इसे चलाने के लिए संसाधन ही नहीं थे. अब इसे फिर से चलाने योग्य बनाए जाने के लिए 8 से 10 लाख खर्च करने की बात की जा रही है.

लेकिन नहीं किया जाता है होमवर्क 

पूर्व आईएएस अधिकारी एसएस पांगती का कहना है कि योजना तो बनाई जाती है, लेकिन उसके मेंटेनेन्स का ख्याल ही नहीं रखा जाता है. इसीलिए ऐसी योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाती हैं. उन्होंने साफ कहा कि योजनाओं का ऐलान किया जाता है. लेकिन उसके लिए होमवर्क नहीं किया जाता है. सरकारी काहिली की वजह से करोड़ों की फ्लोटिंग मरीना बोट खस्ता हाल हो गई और अब दोबारा उस पर सरकार को लाखों रुपये खर्च करने होंगे. लेकिन इसके बाद भी इस बोट के दिन बदलेंगे ऐसा लगता नहीं है.

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First published: July 3, 2019, 12:50 PM IST
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