लक्ष्मण झूला पुल बंद किए जाने के फैसले का विरोध, पुलिस ने खड़े किए सवाल

ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद किए जाने को लेकर लोगों का विरोध जारी है. पीडब्लूडी द्वारा आनन फानन में पुल को बंद करने के आदेश के बाद ऋषिकेश में आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है.

News18 Uttarakhand
Updated: July 13, 2019, 5:17 PM IST
लक्ष्मण झूला पुल बंद किए जाने के फैसले का विरोध, पुलिस ने खड़े किए सवाल
ऋषिकेश - लक्ष्मण झूला पुल बंद किए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन
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Updated: July 13, 2019, 5:17 PM IST
ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद किए जाने को लेकर लोगों का विरोध जारी है. पीडब्लूडी द्वारा आनन फानन में पुल को बंद करने के आदेश के बाद ऋषिकेश में आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है. बता दें कि इस पुल से हर रोज हजारों लोग आवाजाही करते हैं. कांवड़ मेले जैसे आयोजनों के दौरान तो लाखों लोग इस पुल से गुजरते हैं. लेकिन विभाग द्वारा लिए गए निर्णय पर राज्य पुलिस ने सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं लक्ष्मण झूला पुल को बंद किए जाने पर परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि का कहना है कि एक बार फिर सर्वे किया जाना चाहिए और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ऑप्शनल रूट तैयार किया जाना चाहिए.

ऋषिकेश और पौड़ी को जोड़ता है



बता दें कि करीब 96 साल पुराना ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला पुल ऋषिकेश और पौड़ी जिले को जोड़ता है. इस पुल से बड़े आयोजनों के दौरान लाखों लोग गुजरते हैं. इस वर्ष 17 जुलाई से राज्य में कांवड़ मेला शुरू होने जा रहा है. इस दौरान लाखों शिव भक्त नीलकंठ महादेव पर जल चढ़ाने जाएंगे. लेकिन ऐन वक्त पर पीडब्लूडी द्वारा लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद कर दिए जाने से लोगों की दिक्क़ते बढ़ गई हैं.

स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट की रिपोर्ट के अनुसार पुल का तमाम हिस्सा खराब हो गया है और टूटने की स्थिति में है.


इस मामले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार का कहना है कि पुल के कमजोर हो जाने के कारण ही यह निर्णय लिया गया है ताकि कोई दुर्घटना न घटे और जान-माल की हानि न हो. उल्लेखनीय है कि डिजाइन टेक स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल का तमाम हिस्सा खराब हो गया है और टूटने की स्थिति में है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल को तत्काल प्रभाव से लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए.

कोई दूसरा रूट नहीं

वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि कांवड़ मेला सिर पर है और इस तरह से अचानक पुल पर आवाजाही बंद कर देने से दिक्कतें आएंगी. पुलिस का कहना है कि कोई ऐसा दूसरा रूट नहीं है जिसका उपयोग विकल्प के तौर पर कांवड़ियों के लिए किया जा सके. डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार का कहना है कि अगर राम झूला पुल का उपयोग शिव भक्तों के लिए किया जाता है तो राम झूला पुल पर दुर्घटना होने की पूरी आशंका होगी.
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भले ही लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही बंद होने का विरोध किया जा रहा है. लेकिन सवाल है कि 17 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले में आने वाले लाखों शिव भक्तों को नए रूट से ले जाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी. क्या शिवभक्त लक्ष्मण झूला को छोड़ किसी अन्य रास्ते से होकर नीलकंठ महादेव का दर्शन कर पाएंगे, उनपर जल चढ़ा पाएंगे.

(देहरादून से सतेंद्र बर्तवाल और दीपांकर भट्ट की रिपोर्ट)

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