स्थानीय निकाय चुनावः निस्तेज दिख रही कांग्रेस, बीजेपी में आत्मविश्वास

ऐसा लग रहा है कि प्रीतम सिंह अकेले ही कांग्रेस की तरफ़ से मोर्चा संभाले हुए हैं और इसीलिए बीजेपी उनकी घेराबंदी करने में, उनके हमलों को आसानी से झेल लेने में अब तक कामयाब दिख रही है.

News18 Uttarakhand
Updated: November 9, 2018, 11:06 AM IST
स्थानीय निकाय चुनावः निस्तेज दिख रही कांग्रेस, बीजेपी में आत्मविश्वास
राज्य में विपक्षी पार्टी के लिए मुद्दों की भरमार है लेकिन फिर भी कांग्रेस एक भी मामले पर मुद्दों पर आक्रामक रुख नहीं अपना पाई या उसे भुना नहीं पाई है.
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Updated: November 9, 2018, 11:06 AM IST
उत्तराखंड के स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की स्थिति देखकर ऐसा लग रहा है कि वह बेमन से चुनाव मैदान में है. राज्य में विपक्षी पार्टी के लिए मुद्दों की भरमार है लेकिन फिर भी कांग्रेस एक भी मामले पर मुद्दों पर आक्रामक रुख नहीं अपना पाई या उसे भुना नहीं पाई है. ऐसे में कांग्रेस की यह कमी बीजेपी के लिए वरदान साबित हो रही है.

उत्तराखंड में होने वाले निकाय चुनाव सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती साबित होने चाहिए थे लेकिन विपक्षी कांग्रेस के हमलों में धार नज़र नहीं आ रही. प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास मुद्दे तो हैं लेकिन पार्टी इन मुद्दों को ठीक से भुना नहीं पा रही है.

हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के दावा करते हैं कि कांग्रेस ने जनहित हर के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा है. प्रीतम सिंह कहते हैं कि राज्य और केंद्र की सरकारें लगातार जनविरोधी फ़ैसले ले रही हैं और कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों के लेकर जनता के बीच जा रहे हैं.

प्रदेश में बीजेपी इसलिए भी मजबूत दिखाई दे रही है क्योंकि क्योंकि कांग्रेस के बहुत से बड़े नेता बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. राजनीतिक पर्यवेक्षक कहते हैं कि कांग्रेस मुद्दों को उस तरह कैश नहीं कर पाती जैसे कि बीजेपी. बीजेपी के संगठन मंत्री पर यौन शोषण के आरोप के मामले को भी पार्टी ठीक से भुना नहीं पाई और बीजेपी ने संगठन मंत्री को ‘ससम्मान’ विदाई दे दी.

इसीलिए बीजेपी ज़्यादा आश्वस्त भी दिखती है. पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रमुख देवेंद्र भसीन कहते हैं कि कांग्रेस के पास मुद्दे ही नहीं रहते. भसीन कहते हैं कि कांग्रेस ने इस समय बिखराव है और लीडरशीप की  कमी है.

भसीन की बात आधारहीन भी नहीं है. ऐसा लग रहा है कि प्रीतम सिंह अकेले ही कांग्रेस की तरफ़ से मोर्चा संभाले हुए हैं और इसीलिए बीजेपी उनकी घेराबंदी करने में, उनके हमलों को आसानी से झेल लेने में अब तक कामयाब दिख रही है. इन स्थानीय निकाय चुनावों में जीत 2019 के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगी. अब देखना यह है कि यह जीत बीजेपी को मिलती है या कांग्रेस को.

(किशोर रावत की रिपोर्ट)
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