Lockdown Impact:1827 की तरह दिखने लगी मसूरी, पहाड़ों की खूबसूरती में और आया निखार
Dehradun News in Hindi

Lockdown Impact:1827 की तरह दिखने लगी मसूरी, पहाड़ों की खूबसूरती में और आया निखार
मसूरी के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में केंपटी फॉल का नाम आता है.

मसूरी में हर तरफ बस सन्नाटा पसरा हुआ है. हमेशा गुलजार रहने वाली मॉल रोड (Mall road) में अब गिने-चुने लोग ही नजर आ रहे हैं.

  • Share this:
मसूरी. पहाड़ों की रानी मसूरी (Mussoorie) की ख़ूबसूरती की दुनिया कायल है. हर साल देहरादून से 35 किलोमीटर दूर का सफर तय करके यहां की प्राकर्तिक खुबसूरती को निहारने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आते हैं. ये उन जगहों में से एक है जहां लोग बार-बार आना पसंद करते हैं. लॉकडाउन (Lockdown) 3.0 के खत्म होते- होते मसूरी की खूबसूरती में चार चांद लग गए है. इतिहासकार गणेश शैली (Ganesh Shaili) कहते हैं कि किताबों में लिखा है कि 1827 में जिस तरह की मसूरी हुआ करती थी इन दिनों ठीक वैसी ही दिख रही है. यहां के पहाड़ों की खूबसूरती में और निखार आ गया है.

मसूरी जाते हुए रास्ते में आने वाले व्यूप्वाइंट इन दिनों आपको पूरे देहरादून का साफ दीदार कराएंगे. मगर यहां रोज़गार करने वाले लोग बहुत परेशान हैं. मैगी प्वाइंट के बिजनेस से जुड़े लोगों को काफी नुकसान हो गया है. पिछले 2 महीने से इन लोगों की रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है. मसूरी को खूबसूरती की कीमत आर्थिक नुकसान के तौर पर चुकानी पड़ रही है.

पहाड़ पर वादियों के बीच बने हुए घर.




आंखों को सुकून दे रहा है
मसूरी का भट्टटा फॉल का पानी भी निर्मल नज़र आता है जो आंखों को सुकून दे रहा है. प्राकृतिक जल स्त्रोतों से निकलते हुए पानी में लोग अपनी थकान मिटाने आते थे लेकिन इस टूरिस्ट्स सीजन में ऐसा नहीं है. प्रसिद्ध फोटोग्राफर गोपाल भारद्वाज का कहना है की इन दिनों मसूरी से हिमालय दर्शन हो रहे हैं. इस सीजन में हुई बर्फबारी भी वरदान साबित हुई है. वहीं, लाल टिब्बा में देवदार और बांज के जंगलों के बीच से पहाड़ की खूबसूरती निखर कर दिख रही थी. पिक्चर पैलेस, गन हिल यह वह जगह है जहां पर लोग हमेशा आना पसंद करते हैं. यहां ट्रॉली ऊपर गन हिल की चोटी तक पहुंचाती है और यहां पर घंटों लोगों को इंतजार करना पड़ता है ,मगर इस साल सब वीरानी है.

हरे भरे पेड़-पौधे और खुला आसमान


गिने-चुने लोग ही नजर आ रहे थे
फिलहाल, मसूरी में हर तरफ बस सन्नाटा नजर आ रहा है. हमेशा गुलजार रहने वाली मॉल रोड में अब गिने-चुने लोग ही नजर आ रहे थे. यहां पर अपनी दुकानें चला रहे लोग आर्थिक तंगी से बेहद परेशान नजर आए. पूरा सीजन इस बार उन्हें मंदी की मार झेलता नजर आएगा. 2 साल तक उन्हें उम्मीद भी नहीं है कि वह इस नुकसान की भरपाई कर पाएंगे. व्यापारी अजय रावत का कहना है कि अगले 2 साल तक इस मंदी से उबरने की उम्मीद नहीं करते हैं. टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोग अपने गाड़ी की किस्त ना चुका पाने के कारण बेहद परेशान हैं. उन्हें आजीविका के लिए टूरिस्ट पर ही निर्भर रहना पड़ता है. मगर अब रोना इस बात का है कि घर कैसे चलाएं जब पर्यटक ही नहीं आ रहे हैं. वहीं, होटल व्यसाय से जुड़े लोग भी बेहद परेशान हैं.

मसूरी के दक्षिण दिशा से दून घाटी और शिवालिक खिलाए आंखों को सुकून पहुंचाती हैं. यही वजह है कि यह शहर पर्यटकों के लिये परीमहल से कम नही दिखता. गंगोत्री के लिए मसूरी से होकर ही जाया जाता है. यहां पाई जाने वाली वनस्पति और जीव-जंतु इसके आकर्षण को बढ़ा देते हैं. दिल्ली , गुजरात, उत्तर प्रदेश के टूरिस्ट तो यहां आना इसलिए ज्यादा पसंद करते हैं.

दूर तक नजर आता नीला आकाश


केंपटी फॉल मसूरी शहर से 14 किलोमीटर दूर है
मसूरी के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में केंपटी फॉल का नाम आता है. लेकिन जिला पंचायत टिहरी के अंतर्गत पड़ने वाले इस केंपटी फॉल तक पहुंचने के लिए मसूरी शहर से 14 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. यहां पर सिक्योरिटी काफी टाइट मिली. कैम्पटी के मनोरम दृश्य आंखों को शांति सुकून देगा. पिछले कुछ समय से चकाचौंध से भरा रहने वाला, इस समय अपने पूरे शबाब पर नजर आया. यहां बिजनेस करने वाले लोग इन दिनों अपने घर को पलायन कर चुके हैं. ज्यादातर लोग मसूरी में रोजगार की तलाश में आते हैं. अब जब लोग यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो रोज़गार के सभी लोग अपने घरों का रुख कर चुके हैं. भले ही मसूरी आपको इन दिनों साफ नजर आ रही है, लेकिन यहां लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस और गनहिल में रोजगार की तलाश में आए लोग वो बेहद परेशान हैं. लॉकडाउन के चलते प्रकृति के मनोरम दृश्य मसूरी को जन्नत जैसा दिखाते हैं.

ये भी पढ़ें- 

गया के SSB कैंप में हुई फायरिंग में यूपी के कांस्टेबल की संदेहास्पद मौत

खुशखबरी! UP में कोरोना पॉजिटिव के मुकाबले ठीक होने वालों का आंकड़ा बढ़ा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज