उत्तराखंडः कांग्रेस का आरोप - क्या BJP कोरोना-प्रूफ है? पार्टी देखकर दर्ज हो रहे Lockdown के केस
Dehradun News in Hindi

उत्तराखंडः कांग्रेस का आरोप - क्या BJP कोरोना-प्रूफ है? पार्टी देखकर दर्ज हो रहे Lockdown के केस
मंगलवार को देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा और बीजेपी विधायक के डॉक्टरों को सम्मानित करने के कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं.

उत्तराखंड में Lockdown उल्लंघन के अब तक 3405 केस दर्ज कर पुलिस ने 22949 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें कांग्रेस नेता भी शामिल हैं. पार्टी ने इस पर सवाल उठाया है कि क्या किसी बीजेपी नेता पर भी ऐसा मामला दर्ज हुआ.

  • Share this:
देहरादून. उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण (COVID-19) फैलने के साथ ही इसे लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. कोरोना से निपटने के तरीकों को लेकर सरकार के ऊपर विपक्ष सवाल उठा ही रहा है, नेताओं के लॉकडाउन उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद यह मामला और बड़ा होता दिख रहा है. प्रदेश कांग्रेस ने आज इस मसले पर बड़ा सवाल उठाया. पार्टी ने पूछा कि बीजेपी अपने नेताओं के लॉकडाउन उल्लंघन का बचाव कैसे कर सकती है? लॉकडाउन उल्लंघन के मामलों में सिर्फ़ कांग्रेस नेताओं पर ही केस दर्ज किए जा रहे हैं, बीजेपी क्या कोरोना वायरस प्रूफ़ है?

कब शिफ़्ट हुए मंत्री जी? 

मंगलवार शाम पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के घर पर क्वारंटाइन नोटिस लगने की ख़बर आई तो हंगामा हो गया. सतपाल महाराज के घर पर 20 मई से 3 जून तक क्वारंटाइन किए जाने का नोटिस चिपकाया गया है, क्योंकि कुछ दिन पहले उनके घर कुछ लोग दिल्ली से आए थे. सतपाल महाराज का दावा है कि अब वह अपने सरकारी आवास में रह रहे हैं और वहीं ऑफ़िस भी शिफ़्ट कर लिया है.



हालांकि इस मामले में कई सवालों का जवाब न पर्यटन मंत्री ने दिया और न ही सरकार ने. जैसे कि सतपाल महाराज कब अपने निजी आवास से सरकारी आवास में शिफ़्ट हुए? दिल्ली से उनके घर लोग कब पहुंचे और किस-किसके संपर्क में आए? 21 मई को कैबिनेट मीटिंग समेत कई सरकारी कार्यक्रमों में वह शामिल होते रहे, तब उन्होंने किसी को बताया क्यों नहीं?



satpal maharaj home quarantined, सतपाल महाराज के घर पर लगा क्वारंटीन नोटिस.
सतपाल महाराज के घर पर लगा क्वारंटाइन नोटिस.


मंत्री मदन कौशिक की खबर से भी हड़कंप

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के राशन बांटने के एक कार्यक्रम में एक कोरोना पॉज़िटिव युवक के पहुंचने से भी प्रदेश में हड़कंप मचा है. हालांकि मदन कौशिक ने कहा है कि वह स्वास्थ्य विभाग की नियमावली का पालन करेंगे और अगर ज़रूरत महसूस हो तो खुद को होम क्वारंटाइन करेंगे. लेकिन देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा और सहसपुर के बीजेपी विधायक सहदेव पुंडीर ने ऐसी कोई बात नहीं कही. मंगलवार के डॉक्टरों के जिस सम्मान समारोह में ये दोनों बीजेपी नेता शामिल हुए, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन हुआ.

इसी तरह सहारनपुर से आकर उत्तरकाशी पहुंचने वाले बीजेपी महामंत्री अजेय कुमार भी ख़ामोश हैं. सहारनपुर से आकर क्वारंटाइन होने के बजाय अजेय कुमार पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने उत्तरकाशी पहुंच गए. इस मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देहरादून बीजेपी मुख्यालय पर क्वारंटाइन किए जाने का नोटिस तो लगा दिया गया, लेकिन उसे भी बुरी तरह खरोंच दिया गया है ताकि वह पढ़ने में ही न आए.

सहारनपुर से आने के बाद क्वारंटाइन होने के बजाय बीजेपी महामंत्री अजेय कुमार उत्तरकाशी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंच गए थे.


भेदभाव क्यों?

इन मामलों के सामने आने के बाद कांग्रेस को बीजेपी पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना कहते हैं कि कोरोना वायरस तो पार्टी का, धर्म का, जाति का, अमीर-गरीब का भेदभाव नहीं कर रहा है. और तो और देशों की सीमाओं की भी परवाह नहीं कर रहा, लेकिन बीजेपी को यह बात समझ नहीं आ रही. केंद्र और राज्यों की बीजेपी सरकार पार्टी और विपक्ष कार्यकर्ताओं में भेदभाव कर रही है.

मार्च की शुरुआत में खुद सूर्यकांत धस्माना कोरोना वायरस पीड़ितों के लिए बने एक आइसोलेन वॉर्ड में चले गए थे. उन्हें 28 दिन क्वारंटाइन रहना पड़ा था. लेकिन उसी दिन, उसी आइसोलेशन वॉर्ड में घूमने वाले बीजेपी विधायक खजानदास को एक दिन भी क्वारंटाइन नहीं किया गया. धस्माना कहते हैं कि आम आदमी हो या कांग्रेस कार्यकर्ता, उन्हें तो तुरंत क्वारंटाइन किया जा रहा है, केस दर्ज किए जा रहे हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं पर कुछ नहीं हो रहा.

suryakant dhasmana, कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को 28 दिन क्वारंटीन रहना पड़ा था लेकिन वैसे ही केस में बीजेपी विधायक खजानदास को नहीं.
कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को 28 दिन क्वारंटाइन रहना पड़ा था लेकिन वैसे ही केस में बीजेपी विधायक खजानदास को नहीं.


केस क्यों नहीं?

उत्तराखंड पुलिस ने मंगलवार दोपहर तक लॉकडाउन उल्लंघन के 3405 केस दर्ज कर 22,949 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था. इनमें कांग्रेस नेता भी शामिल हैं. अब कांग्रेस पूछ रही है कि पुलिस ने क्या किसी बीजेपी नेता पर भी लॉकडाउन उल्लंघन, सोशल डिस्टेंसिंग उल्लंघन का मामला दर्ज किया है?

धस्माना कहते हैं कि कांग्रेस के नरेंद्र नगर (टिहरी) ज़िलाध्यक्ष हिमांशु बिजल्वाण क्वारंटाइन सेंटर में फल बांटने गए तो उन पर एफ़आईआर दर्ज कर दी गई. कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे तिलकराज बेहड़ गोली लगने से घायल एक व्यक्ति का हाल-चाल पहुंचने गए, तो उन पर भी केस दर्ज कर दिया गया. लेकिन बड़े-बड़े बीजेपी नेताओं के लॉकडाउन उल्लंघन के मामलों पर सरकार ख़ामोश है. यह भूलना नहीं चाहिए कि इस वायरस को पार्टी के नाम, सत्ता या विपक्ष में होने से फ़र्क नहीं पड़ रहा और ऐसा भेदभाव कर बीजेपी प्रदेश के आम लोगों को खतरे में डाल रही है.

ये भी देखें:

'40 से ज़्यादा विभागों की वजह से स्वास्थ्य मंत्रालय पर ध्यान नहीं दे पा रहे CM, चाहिए पूर्णकालिक मंत्री'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading