EXCLUSIVE: फिर शुरु हो सकती है लोहारी नागपाला जल विद्युत परियोजना, उत्तराखंड को होगा यह बड़ा फ़ायदा

छह सौ मेगावाट की लोहारी नागपाला परियोजना पर नौ साल बाद काम एक बार फिर शुरू हो सकता है.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: June 7, 2019, 3:34 PM IST
EXCLUSIVE: फिर शुरु हो सकती है लोहारी नागपाला जल विद्युत परियोजना, उत्तराखंड को होगा यह बड़ा फ़ायदा
600 मेगावाट की लोहारी नागपाला परियोजना के फिर शुरु होने की संभावना है और इससे उत्तराखंड को बड़ा फ़ायदा हो सकता है.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: June 7, 2019, 3:34 PM IST
हाइड्रो पावर के सहारे ऊर्जा प्रदेश बनने का सपना पाले और दावा करने वाले उत्तराखंड के लिए एक बड़ी खबर है. छह सौ मेगावाट की लोहारी नागपाला परियोजना पर नौ साल बाद काम एक बार फिर शुरू हो सकता है. अब एनटीपीसी के बजाए उत्तराखंड जल विद्युत निगम इस परियोजना का निर्माण करेगा. यदि यह परियोजना अस्तित्व में आती है तो यह उत्तराखंड की अपनी सबसे बड़ी परियोजना होगी और इससे मिलने वाली सारी बिजली राज्य को मिलेगी.

30% हो चुका था काम 

साल 2004 में उत्तरकाशी में गंगा भागीरथी पर छह सौ मेगावाट की लोहारी नागपाला परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. परियोजना का ज़िम्मा सौंपा गया था केंद्र की नवरत्न कंपनियों में से एक एनटीपीसी को. पर्यावरणविदों, विशेषकर प्रोफ़ेसर जीडी अग्रवाल उर्फ़ मुनि सानंद और सामाजिक संगठनों ने भागीरथी पर बन रही इस परियोजना के निर्माण का विरोध करना शुरू कर  दिया. बात  दिल्ली तक पहुंची और अंतत: 2010 में इस परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था.

 

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करीब 22 सौ करोड़ लागत की लोहारी नागपाला परियोजना पर एनटीपीसी ने करीब 600 करोड़ रुपये खर्च कर तीस फ़ीसदी काम भी कर दिया था लेकिन विवाद के चलते परियोजना का काम अधर में लटक गया था. अब उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) इस पर काम शुरु करने की तैयारी कर रहा है.

उत्तराखंड को फ़ायदा 
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UJVNL के एमडी एसएन वर्मा कहते हैं कि लोहारी नागपाला परियोजना तो पूरी तरह क्लीयर थी. इसे पर्यावरण मंत्रालय से भी हरी झंडी मिल गई थी और जल संसाधन मंत्रालय से भी. वर्मा कहते हैं कि अब  UJVNL ने केंद्र सरकार से इसे बनाने की लिए मंज़ूरी मांगी है क्योंकि एनटीपीसी अब इस परियोजना में रुचि नहीं ले रही है. केंद्र से मंज़ूरी मिलते ही निगम इस पर काम शुरु कर देगा.

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लोहारी नागपाला परियोजना से राज्य सरकार को दोहरा लाभ है. जहां इस परियोजना से हज़ारों युवकों को रोज़गार मिलगा वहीं अब इस परियोजना से मिलने वाली सारी बिजली का हक़दार सिर्फ़ उत्तराखंड होगा. पूर्व योजनानुसार एनटीपीसी इस परियोजना का निर्माण करता तो राज्य को करीब 20 फ़ीसदी बिजली मिलनी थी.

प्रधानमंत्री ने दिया दखल 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई बातचीत के बाद अब एक बार फिर इस परियोजना के दिन बहुरने की संभावना दिख रही है. मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री से मुलाक़ात में उन्होंने राज्य की जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर बात की थी.

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सीएम बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने तुंरत ही इस पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को इस पर काम करने के निर्देश दे दिए हैं. इसलिए अब जल्दी ही राज्य की जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर अच्छी ख़बरें आनी शुरु हो सकती हैं.

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First published: June 7, 2019, 3:22 PM IST
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