उत्तराखंड के चुनाव से फारिग कांग्रेस नेताओं पर अब दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग 11 अप्रैल को हो चुकी है. 7 फेज के चुनाव में उत्तराखंड का नंबर पहले फेज में ही आ गया था, जिसकी वजह से उत्तराखंड में पार्टी और उम्मीदवारों को अपने लिए प्रचार करने का कम वक्त मिला. पर, जो नेता अपने लिए प्रचार में ज्यादा वक्त नहीं दे पाए, वो अब दूसरे राज्यों में प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

Anupam Trivedi | News18 Uttarakhand
Updated: April 23, 2019, 1:27 PM IST
उत्तराखंड के चुनाव से फारिग कांग्रेस नेताओं पर अब दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी
कांग्रेस के नेता- प्रीतम सिंह , हरीश रावत , किशोर उपाध्याय
Anupam Trivedi
Anupam Trivedi | News18 Uttarakhand
Updated: April 23, 2019, 1:27 PM IST
उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग 11 अप्रैल को हो चुकी है. 7 फेज के चुनाव में उत्तराखंड का नंबर पहले फेज में ही आ गया था, जिसकी वजह से उत्तराखंड में पार्टी और उम्मीदवारों को अपने लिए प्रचार करने का कम वक्त मिला. पर, जो नेता अपने लिए प्रचार में ज्यादा वक्त नहीं दे पाए, वो अब दूसरे राज्यों में प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. खास तौर पर कांग्रेस नेताओं की बात करें तो कांग्रेस भवन में आजकल सन्नाटा ही पसरा हुआ है.

प्रदेश में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता कहे जाने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत असम में प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के साथ अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे हैं. कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह मंगलवार से राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में प्रचार की कमान संभालेंगे. इसके साथ प्रीतम सिंह सोनिया गांधी की सीट रायबरेली में प्रचार करेंगे. अमेठी और रायबरेली में वोटिंग पांचवें फेज में 6 मई को होनी है. इसके बाद प्रीतम सिंह को हिमाचल भी भेजा जा सकता है, जहां आखिरी दौर में 19 मई को वोटिंग होनी है.



वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय उत्तरप्रदेश के बाद अब राजस्थान में प्रचार कर रहे हैं. उपाध्याय के साथ यहां प्रदेश महामंत्री राजपाल बिष्ट, विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन को राजस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना हिमाचल प्रदेश के साथ गुरुग्राम की, जबकि कांग्रेस नेता जोत सिंह बिष्ट और मथुरा दत्त जोशी को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की कुछ सीटों पर प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

उत्तराखंड में काम पूरा करने के बाद अब कांग्रेसी नेता दूसरे राज्यों में पसीना बहा रहे हैं. पर, ये मेहनत कितना रंग लाएगी इसका पता 23 मई को वोटों की गिनती के साथ चलेगा.

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