पंचायत चुनाव के लिए दायित्व का लॉलीपॉप... भाजपा ने पंचायत चुनाव के बाद दायित्व बांटने के संकेत दिए
Dehradun News in Hindi

पंचायत चुनाव के लिए दायित्व का लॉलीपॉप... भाजपा ने पंचायत चुनाव के बाद दायित्व बांटने के संकेत दिए
बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव के बाद कुछ और कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को सरकार में विभिन्न निगमों और बोर्डों का दायित्व सौंपा जा सकता है.

भाजपा महामंत्री (BJP General Secretary) खजान दास (Khajan Das) ने कहा कि अगर पार्टी पंचायत चुनाव (Panchayat ) में भी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव की तरह अच्छा प्रदर्शन करेगी तो संगठन पर्यटकों का सम्मान करने के बारे में सोचेगी.

  • Share this:
देहरादून. पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सत्ताधारी भाजपा (BJP) सभी तरीके आज़मा रही है. पार्टी ने अपने सासंदों (MP), विधायकों (MLA), दायित्वधारियों, ज़िलाध्यक्षों को सीधे-सीधे पंचायत चुनावों में जीत का दायित्व सौंप दिया है और कह दिया है कि ज़िला पंचायत चुनाव (Zila Panchayat Election) जिताना उनकी ज़िम्मेदारी होगी. इसके साथ ही पार्टी ने अब अपने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को दायित्व का लॉलीपॉप भी थमा दिया है. बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव के बाद कुछ और कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को सरकार में विभिन्न निगमों और बोर्डों का दायित्व सौंपा जा सकता है.

अब तक 65 

बता दें कि भाजपा अभी तक अपने 65 पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को दायित्वों से नवाज चुकी है. इनमें चार वरिष्ठ नेताओं को तो कैबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा भी दिया गया है. इनके बाद 40 से अधिक पदाधिकारियेां को राज्यमंत्री स्तर का दर्जा दिया गया है. शेष लोगों को विभिन्न निगमों, बोर्डों में एडजस्ट किया गया है.



अब पार्टी के अंदर चर्चा है कि पंचायत चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन दोहराने की सूरत में चुनाव परिणाम के तत्काल बाद कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्वों से पुरस्कृत किया जा सकता है. इसके लिए पंचायतों में सदस्य नामित करने से लेकर विभिन्न निगमों, बोर्डों में खाली पड़े सदस्य पदों की सूची भी तैयार कर ली गई है.
मुख्यमंत्री से सिफ़ारिश करेगा संगठन 

पार्टी महामंत्री खजान दास ने न्यूज़ 18 से बातचीत में इस ओर इशारा भी किया. खजान दास ने कहा कि अगर पार्टी पंचायत चुनाव में भी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव की तरह अच्छा प्रदर्शन करेगी तो संगठन पर्यटकों का सम्मान करने के बारे में सोचेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री से भी सिफ़ारिश की जाएगी.

दरअसल भाजपा में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों की बड़ी संख्या है जो लंबे समय से सत्ता की मलाई चखने की उम्मीद लगाए बैठी है. सरकार अपना आधे से ज़्यादा समय, तीस महीने का कार्यकाल, भी पूरा कर चुकी है. 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उसके पास अब सीमित समय है जिसमें वह सरकार में दायित्व देकर कार्यकर्ताओं में जोश भर सकती है.

ये भी देखें: 

उत्तराखंड पंचायत चुनावः बीजेपी ने सांसदों, विधायकों को सौंपी चुनाव जिताने की ज़िम्मेदारी

दो से ज़्यादा बच्चे वाले नहीं लड़ पाएंगे क्षेत्र पंचायत, ज़िला पंचायत चुनाव... यह है वजह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज